जयंती पर देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा, शाम को रामायण
महासमुंद। सृष्टि के रचयिता देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती शहर सहित अंचल में मनाई जा रही है। औद्योगिक संस्थानों में निर्माण के देवता की पूजा हुई वहीं हार्डवेयर, वर्कशॉप सहित आटो सर्विस में भी देवशिल्पी की प्रतिमा स्थापित कर विधि विधान से पूज-अर्चना की जा रही है।
विश्व को कर्म प्रदान करने वाले देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा शहर सहित अंचल में आज धूमधाम से की जा रही है। फलों व मिठाई की खरीदी के लिए दुकानों में भीड़ रही। लोगों ने अपने वाहनों की साफ-सफाई कर उनकी पूजा-अर्चना की व मिठाई बांटी। इस दौरान जिले के औद्योगिक बिरकोनी, राइस मिलों, विभिन्न निर्माण व रिपेयरिंग कार्यों, वाहन शोरूम व दुकानों में भी भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जिला मुख्यालय में मेशन मजदूर संघ द्वारा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा विराजित कर विशेष पूजा -अर्चना की गई। शाम 4 बजे भजन संध्या रामायण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें जय कपीस मानस परिवार आमाकोनी की प्रस्तुति होगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। साथ ही व्यापार और उद्योग धंधों में लगे लोगों की तरक्की और उन्नति अच्छी होती है। साथ ही विश्वकर्मा पूजा करने पर निर्माण कार्यों में सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलती है।
