किसानों से सैंकड़ों क्विंटल धान लेकर पैसे देने में व्यापारी की आनाकानी, कलेक्टर से गुहार
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दर्जनों गांव के किसानों ने 2 करोड़ से अधिक का बेचा था रबी फसल का धान
महासमुंद। जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के दर्जन भर गांव के किसानों द्वारा व्यापारी को बेचे गए रबी फसल (धान) का करीब 2 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किए जाने को लेकर कलेक्टर जन चौपाल में लिखित शिकायत की है।
बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम बोइरगांव, लोंदामुडा, नर्रा, कसेकेकरा, भोथा, झलमला, देवरी, चंद्रपुर, कछारडीह, जामगांव, बिरोढ़ा, नवाडीह, बिंद्रावन, झिटकी के 80 किसान मंगलवार को कलेक्टोरेट में आयोजित जन चौपाल में व्यापारी को बेचे गए रबी फसल धान की राशि नही मिलने की शिकायत की है। किसान हेमलाल नायक, वीरेंद्र कुमार महानंद, टेमचंद, सीताराम चंद्राकर, दुकालू राम साहू, गोपाल साहू, धनेश्वर साहू, वेदराम साहू, गौतम, सेतराम, रेख सिंह ठाकुर, प्यारेलाल साहू, केशराम साहू, उमाराम साहू, आकाश, महेश, कुलेश्वर, थान सिंह यादव ने बताया कि कोमाखान तहसील के ग्राम बिंद्रावन स्थित गुरुवेव ट्रेडर्स एंड ट्रांसपोर्ट के व्यापारी गिरिश कुमार पांडे, रुपेश पांडे, योगेश पांडे के पास दो महीने पहले दो दर्जन से अधिक गांव के 80 किसानों ने करीब 2 करोड़ का अपना रबी फसल धान बेचा था। व्यापारी ने सारे धान को राईस मिलर्स को बेच चुके हैं, बेचे गए धान की रकम भी राईस मिलर्स से ले चुके हैं लेकिन किसानों द्वारा रकम मांगने पर आज दूंगा कल दूंगा कह कर पिछले दो महीने से टाल मटोल किया जा रहा है। किसानों का कहना है जब भी व्यापारी के घर जाते हैं तो कभी भी नही मिलते और यह सिलसिला पिछले दो महीने से चल रहा है। अब तो हालत ऐसे हैं कि फोन करो तो मोबाइल रिसीव नहीं किया जाता। घर जाते हैं तो नही मिलता है। किसानों का कहना है सभी छोटे और मंझले किसान है और मजदूरी भी करते हैं। इन्हीं फसलों के भरोसे अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। किसानों का कहना है फसल लगाने के लिए बीज, खाद, दवा आदि की आवश्यकता होती है जिसे कर्जा कर के लाते हैं। अगर समय पर बेचे गए धान की रकम नही मिलेगी तो सारे किसान कर्ज के बोझ से दब जाएंगे। साथ ही परिवार का जीविकोपार्जन की समस्या हो जाएंगी।
