कलेक्टर ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर दिया विशेष जोर

छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही पर होगी कड़ी कार्यवाही
दंतेवाड़ा, 29 जुलाई 2025। आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर  कुणाल दुदावत द्वारा जिले के शिक्षा विभाग से संबंधित डीईओ, डीएमसी, बीईओ, एबीओ, बीआरसी, पोटाकेबिन अधीक्षक, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, डीएवी आस्था, एवं छू लो आसमान अधीक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर ने छात्रों की सुरक्षा, रहने खाने सहित अन्य सुविधाओं जैसे बिस्तर, गद्दे, मच्छरदानियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी उपायों को सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस परिप्रेक्ष्य में कोताही बरतने पर निश्चित रूप से कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में कलेक्टर ने अधीक्षकों से छात्रावासों संबंधित अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के बारे में चर्चा करते हुए उन्हें स्वीकृत करते हुए कहा कि सभी आवासीय संस्थाओं में भोजन व्यवस्था के तहत मेन्यू चार्ट का अनिवार्य रूप से पालन हो और सभी संस्थाओं के भोजनालय और भोजन कक्ष में मेन्यू चार्ट चस्पा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी अधीक्षक अधीक्षिका के आवासीय संस्थाओं में ही अनिवार्य रूप से निवास करेंगे और किसी भी अधीक्षक द्वारा संस्था छोड़ने अथवा अवकाश में जाने से पूर्व डीओ, डीएमसी को सूचित करने के साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करके ही संस्था छोड़ेेगें। इस संबंध में जिला कार्यालय की टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान छात्रावासों अधीक्षकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाकर कड़ी कार्यवाही की जावेगी। इसके साथ ही उन्होंने अधीक्षकों बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने संबंधी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पालन करने को कहा।
बैठक में कलेक्टर ने आगे कहा कि प्रत्येक छात्रावास में स्वीकृत सीटों के अनुसार छात्रों की दर्ज संख्या की निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संस्था परिसर की समग्र साफ-सफाई, भवन व शौचालयों की मरम्मत एवं सीसीटीवी कैमरों की उपयुक्त व्यवस्था को भी अनिवार्य बताया।
मच्छर जनित रोगों की रोकथाम पर विशेष बल
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी छात्रावासों की खिड़कियों में अनिवार्य रूप से मच्छर जालियां लगाई जाए तथा समय-समय पर मलेरिया व डेंगू जैसे रोगों से बचाव हेतु छिड़काव कराया जाए। साथ ही, छात्र-छात्राओं को मच्छरदानी का सतत उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
स्वास्थ्य परीक्षण व बालिका सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराए जाएं एवं किसी भी मौसमी बीमारी के लक्षण दिखने पर शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जाए। बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, बालिका छात्रावासों में नगर सैनिक की तैनाती के अलावा अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
आवासीय अधीक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अधीक्षकों को संस्था परिसर में ही निवास करना अनिवार्य होगा, जिससे आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। परिसर की नियमित सफाई और छात्रों को मेनू अनुसार पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
विभिन्न छात्रावास सुविधाओं की समीक्षा
छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सभी आवश्यक सुविधाओं जैसे सुरक्षा कर्मी, भोजन, स्वास्थ्य, मनोरंजन व अन्य आवश्यकताओं की समय-समय पर समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने हेतु अधीक्षकों को निर्देशित किया गया।  दुदावत ने अंत में कहा कि छात्रावास केवल निवास स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र हैं, इसलिए व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में कलेक्टर द्वारा छात्रावासों में आवश्यक सामग्रियों की आवश्यकता एवं मूलभूत अधोसंरचना पूर्ननवीकरण संबंधी जानकारी अधीक्षकों से चाही गई और इस संबंध में प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा, सहायक संचालक श्रीमती अहिल्या ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।