गणेश उत्सव की तैयारी, मूर्ति निर्माण पर मंहगाई की मार

मूर्ति इस बार भी भक्तों को होगी मंहगे दामों में उपलब्ध
महासमुंद। इन दिनों क्षेत्र के कुम्हार गणेश उत्सव की तैयारी में जुटे हैं। पिछले 15 दिनों कुम्हार गणेश जी की मूर्तियां बनाने में लगे हैं। इस दफा भी भगवान गणेश जी की मूर्ति बढ़ती मंहगाई की मार से अछूती नहीं रहेगी। गणेश जी की मूर्ति इस बार भी भक्तों को मंहगे दामों में उपलब्ध होगी।
हर साल की तरह इस साल भी जिला मुख्यालय एवं ग्रामीण इलाकों में गणेश चतुर्थी पर मूर्तियों की स्थापना होगी लेकिन, इस दफा महंगाई भारी पड़ेगी। ग्राम साराडीह के रहने वाले मूर्तिकार शंभू पुरैना के मुताबिक अभी तक 5 से 30 हजार तक की मूर्तियां बनाने के लिए आर्डर मिला है। उन्होंने बताया कि कील से लेकर मूर्तियां बनाने आवश्यक वस्तुएं जैसे फैंसी सामान, बांस, बत्ता लकड़ी सहित मिट्टी के कीमत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि मूर्तियों का आर्डर नवंबर से शुरू हुआ है। अब समय कम होने से कुछ ऑर्डर लिया जाएगा। साथ ही माता की मूर्तियों बनाने का काम शुरू किया गया है। जिससे माता की मूर्ति बनाने के लिए कम समय मिला है। इसलिए समय से पहले ही कुछ मूर्तियां बनाकर रखा गया है। इस साल मूर्ति निर्माण में लगने वाली सामग्रियों के कीमतें बढ़ने के कारण मूर्तियां महंगी हो रही है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी 27 अगस्त से प्रारंभ हो जाएगी इसे देखते हुए जल्द से जल्द मूर्ति बनाने का काम किया जा रहा है ताकि मूर्तियों को निर्धारित समय पर तैयार किया जा सके। इसी तरह कुम्हारपारा निवासी राजेश चक्रधारी, भरत चक्रधारी ने बताया कि साल-दर-साल मूर्तियां बनाने में लगने वाली सामग्रियों की कीमतों में बढ़ोतरी होती जा रही है। उन्होंने बताया कि उनके पास भी 5 हजार से 50 हजार तक की मूर्तियों बनाया जा रहा है। 3 फीट से 12 फीट तक की मूर्तियां का आर्डर मिला हुआ है। मूर्तिकार शंभू पुरैना एवं राजेश चक्रधारी ने बताया है कि गणेश की मूर्ति जिला मुख्यालय एवं आस पास के गांवों के अलावा कांटाबांजी, आरंग से भी मूर्ति बनाने का आर्डर लिया गया है। इस बार महासमुंद से अन्य जिलों के साथ दूसरे राज्य तक गणेश की मूर्ति भेजे जाएंगे।
देवी देवताओं के पूजन सामग्री के दाम बढ़े
सावन का महीना चल रहा है जो 9 अगस्त को समाप्त होगा। इन दिनों लोग भगवान शिव की अराधना में लीन हैं। इसके बाद श्री गणेश उत्सव, फिर दुर्गा उत्सव और दीपावली । इन सबके बीच कई त्योहार, व्रत पड़ेंगे। इन त्योहारों, व्रत में आम तौर पर नारियल अर्पित किया जाता है। लगातार बढ़ती मंहगाई का असर पूजा पाठ की सामग्री पर भी पड़ रहा है। जिससे नारियल के दाम भी बढ़े हैं। पहले जो नारियल 15 से 20 रुपए तक बिकते रहे हैं, वह अब साइज के अनुसार 25 से 30 रुपए हो गए हैं पूजा की अन्य सामग्रियों के भी दाम बढ़े हुए हैं। जानकारी अनुसार जो नारियल की बोरी 900 रुपए में मिल रहे थे अब 1150 तक जा पहुंचा हैं।

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