खरोरा से घोड़ारी तक सड़क पर शाम होते ही छाया रहता है अंधेरा

बंद पड़ी है लाइट, पोल गिरा, कहीं केबल खराब
महासमुंद। खरोरा स्थित जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज से घोड़ारी तक नेशनल हाईवे 353 सड़क की दोनों ओर, महानदी पर बने ब्रिज से घोड़ारी ओवरब्रिज तक डीएमएफ मद से करोड़ों की लागत से लगाए गए स्ट्रीट लाइट, खंभे अब शो – पीस बनकर रह गया है। इस सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइटों में अधिकांश लाइटें बंद पड़ी है जिससे सड़क पर घूप अंधेरा छाया रहता है।
महासमुंद से रायपुर जाने वाले ग्राम खरोरा से घोड़ारी तक 8 किलोमीटर नेशनल हाईवे पर आए दिन होने वाली सड़क हादसे और लूटपाट पर अंकुश लगाने के लिए तत्कालीन कलेक्टर प्रभात मलिक ने सड़क को अंधेरा मुक्त करने खनिज न्यास मद से 1.20 करोड़ रुपए स्वीकृत किया था। जानकारी के अनुसार खरोरा से घोड़ारी तक सड़क की दोनों ओर लगभग 8 किलोमीटर तक 430 पोल लगाए जाने थे जिसमें से किसानों के विरोध के बाद कुछ पोल नहीं लगाए जा सके। लेकिन अधिकांश पोल लगाए जाने के बाद सड़क दूधिया रोशनी से जगमगाने लगा था। लभरा खुर्द से घोड़ारी तक अधिकांश लाइट बंद है। शुरूआत में लाइट जरूर जली, लेकिन बाद में लाइटे खराब होने लगी। बालाजी फ्यूल्स के पास पोल गिरा पड़ा है, जिस पर भी किसी की नज़र नहीं गया। पूर्व कलेक्टर प्रभात मलिक के रहते तक इस पर काम चला, उनके ट्रांसफर के बाद यह काम भी बंद हो गया। बताते हैं कि इस कार्य के लिए जारी राशि खर्च की जा चुकी है।
बता दें कि घोड़ारी से मेडिकल कॉलेज के बीच अंधेरा होने कारण दुर्घटनाओं के साथ ही लूटपाट की वारदात हो चुकी है। लोगों की मानें तो इन लाइटों को लगे डेढ़ साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इन्हे सुधारा की दिशा पर कोई पहल नहीं की गई। बिजली खंभों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कुछ तो पहले ही गिर चुके हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। वहीं पहले की तरह हमेशा दुर्घटना और लूटपाट का डर लोगों में बना रहता है।