नेशनल लोक अदालत में लंबित मामले का निराकरण

7 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित
महासमुंद। नेशनल लोक अदालत में शनिवार को 57,569 लंबित मामलों का निराकरण कर 7 करोड़ 11 लाख 28 हजार 410 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकों की बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि.की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत चोरी के मामले तथा सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 2 हजार 269 प्रकरणों में 06 लाख 99 हजार 971 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 10 हजार 652 प्रकरणों में 38 लाख 47 हजार 740 रूपए, श्रम प्रकरण के 12 मामलों में 05 लाख 66 हजार 500 रूपए, एमएसीटी के 07 प्रकरण में. 97 लाख 95 हजार, रूपए, एनआई एक्ट-138 के 31 प्रकरणों में 75 लाख 55 हजार 715 रूपए तथा 26 अन्य सिविल प्रकरणों का निराकरण कर 2 करोड़ 45 लाख 57 हजार 390 रूपए अवार्ड पारित किया गया। जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 40 हजार 367 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में् सुलह एवं समझौता के आधार पर विभिन्न खंडपीडों के माध्यम से कुल 57 हजार 569 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उनमें रुपए 7 करोड़ 11 लाख 28 हजार 410 रूपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए हैं।