बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री धड़ल्ले से जारी
इस बार स्वच्छता रैंकिंग में पालीथिन प्रतिबंध पर भी फोकस
महासमुंद। प्रतिबंध के बावजूद भी बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री धड़ल्ले से चल हो रही है, जो पालिका को अब महंगी पड़ने वाली है क्योंकि इस साल स्वच्छता रैंकिंग में इस बार सिर्फ कचरा उठाने, अस्थायी स्पाट कम करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पालीथिन प्रतिबंध पर भी फोकस रहेगा।
बता दें कि अक्टूबर 2022 से प्लास्टिक निर्मित एक बार यूज होने वाले डिस्पोजल, चम्मच, कैरी बैग सहित अन्य सामग्रियों के निर्माण और उसकी बिक्री पर शासन ने पूर्णत: रोक लगा दी है। जिसके बाद प्रशासन की सख्ती के चलते कुछ दिनों तक इसकी बिक्री और उपयोग पर रोक लगी। जैसे ही प्रशासन की कार्रवाई ढीली पड़ी, वैसे इसकी बिक्री अब फिर से जोरों पर है। मालूम हो कि सिंगल यूज प्लास्टिक में प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास, चम्मच और कैरी बैग का कारोबार मुख्यालय सहित जिले में धड़ल्ले से चल रहा है। जिस पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी पालिका को दी गयी है लेकिन पालिका प्रशासन छोटे फल और सब्जी व्यापारियों पर कभी-कभी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेता है, लेकिन पालिका द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई न करना ही महंगा पड़ने वाला है।
अच्छी रैंकिंग लाना चुनौतीपूर्ण
जानकारी के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 शुरू हो गया है। शहर में स्वच्छता को लेकर टीम कभी भी निरीक्षण के लिए आ सकती है। इस बार साफ-सफाई के अलावा पॉलीथिन पर कार्रवाई, अवैध लगे फ्लैक्स, कचरा उठाना व ट्रेंचिंग ग्राउंड में छंटनी करना आदि पर टीम अधिक ध्यान देने वाली है। शहर के मुख्य मार्ग सहित पॉलीथिन का कचरा गली मोहल्लों व नालियों में जमा है। इसकी निरंतर सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्वच्छता रैंकिंग में स्थान बना पाना पालिका के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि पालिका प्रशासन का कहना है शहर में लगातार स्वच्छता अभियान चलाकर नगर को स्वच्छ किया जा रहा है साथ ही समय-समय पर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
