जिले की जनपदों पर भाजपा समर्थितों का कब्जा
अब जिला पंचायत पर टिकीं भाजपा की नजर
महासमुंद। जिले की पांच जनपद पंचायतों में से चार जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष मंगलवार को चुन लिए गए। चारों जनपदों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा रहा। सबसे अधिक चर्चा में बसना जनपद पंचायत रही। यहां कांग्रेस को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार ही नहीं मिला। लिहाजा, बसना में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों निर्विरोध चुने गए। इसी तरह सरायपाली में अध्यक्ष और पिथौरा में उपाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। अब भाजपा की निगाह 6 मार्च को होने वाले जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर है। हालांकि यहां भी भाजपा की राह आसान मालूम होती नजर आ रही है।
बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गैरदलीय होते हैं। किंतु चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियां अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन देती हैं। जनपद और जिला पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का प्रर्दशन अच्छा रहा है। तभी से माना जा रहा था कि जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा का दबदबा रहेगा। हुआ भी ऐसा ही, लेकिन कांग्रेस इस तरह से वाक ओवर दे देगी ऐसी उम्मीद राजनीति के जानकारों को नहीं थी। चार जनपद में अध्यक्ष चुनाव में भाजपा समर्थित बसना की डिलेश्चरी निराला और सरायपाली की श्रीमती लक्ष्मी हरिचंद्र पटेल निर्विरोध चुनी गईं वहीं उपाध्यक्ष चुनाव में पिथौरा से भाजपा समर्थित ब्रम्हा प्रेमशंकर पटेल व बसना से मोहित कुमार पटेल निर्विरोध चुने गए। इसके अलावा महासमुंद से भाजपा समर्थित श्रीमती दिशा रामस्वरूप दीवान, पिथौरा से उषा पुरूषोत्तम धृतलहरे अध्यक्ष और श्रीमती हुलसी चंद्राकर व सरायपाली से धमेन्द्र चौधरी उपाध्यक्ष चुने गए।
अब जिला पंचायत पर भाजपा की नजर
जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव कल गुरूवार को होने वाला है। जिस पर भाजपा की नजर है। हालांकि जिला पंचायत चुनाव में 15 सीट में से 10 सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है । इसलिए, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीतना भाजपा के आसान नजर तो आ रहा है पर कांग्रेस जिला पंचायत पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी। कांग्रेस इसमें कितना सफल होगी यह तो परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।
