1008 सहस्रनामों का जाप कर देवी-देवताओं की प्राण- प्रतिष्ठा

महासमुंद। नगर की कुलदेवी महामाया मंदिर में दस देवी-देवताओं की प्राण- प्रतिष्ठा समारोह के अंतिम दिवस पूणार्हुति एवं भंडारा में सैकड़ों शामिल हुए। इस दौरान आचार्य पंडित पंकज तिवारी ने अपने पुरोहितों दिनेश चौबे, नरेश दीवान, रिकेश दुबे, उत्कृष्ट शुक्ला, हेमंत द्विवेदी, रोशन महाराज के साथ संपूर्ण विधान यजमान अमरनाथ साहू, विवेक दवे, हीरालाल साहू, विमला कापसे परिवार, विजय चंद्राकर, हेमंत बघेल हलकूराम साहू इत्यादि से संपन्न कराया। आचार्य ने शिवलिंग, श्रीराधा कृष्ण, श्रीराम दरबार, श्रीलक्ष्मी नारायण, श्रीगणेश जी, श्रीहनुमान जी, काली माता, लक्ष्मी माता, सरस्वती व संतोषी माता का अभिषेक, स्नान कराकर सभी देवी देवताओं का श्रृंगार कराया। पश्चात सस्वर मंत्रोच्चार के बीच अमरनाथ परिवार ने महामाया मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित की गई श्रीरामेश्वर नाथ शिवलिंग का अभिषेक कर आशीष मांगा। इस दौरान महामाया समिति के सदस्य व महाकाल मुक्तिधाम समिति के सदस्यों द्वारा लगातार ढोल डमरू, झांझ से नाद किया जाता रहा जिससे माहौल भक्तिपूर्ण बना रहा। बाद यजमानों ने विराजित मूर्तियों के समक्ष 1008 नामों का जाप करते हुए पुष्प, द्रव्य व कुमकुम से सहस्त्रार्चन कर घर परिवार, नगर की सुख समृद्धि भाव से आशीष मांग कर भगवान से प्रार्थना की कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण हों। आचार्य पंकज तिवारी ने बताया कि यजमानों ने 1008 सहस्रनामों का जाप कर पुष्प व द्रव्य अर्पण किया। इस प्रकार यहां भगवान के नाम दस हजार से अधिक नामों का उच्चारण कर मंगल कामना की गई। पूणार्हुति बेला में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ो ने महामाया मंदिर परिसर में प्रसादी ग्रहण किया। व्यवस्था में महामाया मंदिर समिति के कन्हैया शुक्ला, खोरबाहरा साहू, कमलेश चंद्राकर, पुर्णेन्द्र चंद्राकर, मूलचंद कोचर, सोनू बजाज, भाऊराम साहू, राजेश नायक, ईश्वर साहू,किशोर चंद्राकर, नेमीचंद सोनी के अलावा अनेक श्रद्धालु स्वस्फूर्त सेवा में डटे रहे।