जन योजना अभियान अंतर्गत एकीकृत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर कार्यशाला

कोण्डागांव, 30 जनवरी 2025। जिले में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और प्राकृतिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में, जिला प्रशासन और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया ने संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में जल और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देना था। कार्यशाला में उपस्थित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में चुना गया है ताकि, जन योजना अभियान हेतु जीआईएस आधारित ग्राम स्तर पर लोगों द्वारा बॉटम-टू-टॉप अप्रोच प्लानिंग को अपनाया जा सके ।
टीआरआई से आये विशेषज्ञ आशुतोष नंदा ने जीआईएस आधारित वाटरशेड प्रबंधन प्लानिंग को धरातल पर कैसे किया जा सकता है, इस पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर जीआईएस मैप का उपयोग करते हुए, ऑनलाइन ऐप की मदद से लोगों की जरूरत के हिसाब से विभिन्न विभागों को कार्ययोजना कैसे दी जा सकती है, साथ ही प्राकृतिक संसाधन का सही एवं सतत विकास कैसे किया जा सके। कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि जन योजना अभियान के तहत आईएनआरएम-जीआईएस आधारित प्लानिंग को सफल बनाने के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों को जल संसाधन प्रबंधन में शामिल करना और उनके ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाना महत्वपूर्ण है। साथ ही बॉटम-टू-टॉप अप्रोच को ध्यान में रखते हुए वीपीआरएपी-जीपीडीपी प्लानिंग एवं एकीकरण को धरातल में उतारा जा सके।
कार्यशाला में जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे जल संसाधन के बेहतर प्रबंधन के लिए मिलकर काम करें। सभी नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर अपने-अपने ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर धरातल के हितधारक जैसे पंचायती राज तंत्र के प्रतिनिधि, आमजन एवं धरातल के कर्मचारियों को शिक्षित करेंगे, जिससे आने वाले समय में जन योजना अभियान के तहत अधिक से अधिक प्लान ग्राम स्तर से उठ कर आएं। यह कार्यशाला जिले के लिए एक नए युग की शुरुआत है। अब जिला प्रशासन और स्थानीय समुदाय मिलकर जल और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए काम करेंगे। इस प्रयास से न केवल जिले का विकास होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा। यह कार्यशाला कोंडागांव जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में यह अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। कार्यशाला में एपीओ मनरेगा त्रिलोकी अवस्थी एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट से डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर अजित राणा एवं अभिनय रात्रे सहित टीआरआई की ब्लॉक टीम से श्याम, अम्बरीष, श्वेता एवं प्रदान संस्था से दिनेश उपस्थित रहे।