कर्म व भक्ति से ही सब कुछ संभव : पं. भागीरथी

महासमुंद। स्थानीय नयापारा महासमुंद में आशा साहू एवं मानिक साहू (शिक्षक दंपत्ति) के निवास में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन श्रीराम जन्म एवं से कृष्ण जन्म का कथा श्रवण कराते हुए पंचकोशी धाम फिंगेश्वर से पधारे भागीरथी तिवारी ने कहा कि ज्ञान, कर्म एवं भक्ति से ही अर्थ, धर्म काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है । उन्होंने त्रेता युग में भगवान श्री राम जन्म कथा बताते हुए कहा कि राजा दशरथ की तीनों रानियां ज्ञान, कर्म और भक्ति की प्रतिमूर्ति थीं। कथा में कहा कि नारी शक्ति भक्ति एवं शक्ति का रुप है । नारियों में अर्पण, तर्पण व समर्पण का भाव होता है जिससे माताएं बच्चों को संस्कारित कर सकती हैं। पं. तिवारी ने एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा कि जिस प्रकार तीर्थों का राजा प्रयाग राज है वैसे ही व्रतों का राजा एकादशी है। भक्तों से आह्वान किया कि हमें प्रतिदिन गंगाजल का पान करना चाहिये क्योंकि गंगा जल अकाल मृत्यु को रोकता है। पं. तिवारी प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करा रहे हैं।

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