पूर्व विधायक ने समस्याएं सुनी

महासमुंद। पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विमल चोपड़ा और साथियों ने आज सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय परिसर में राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं से पीड़ितों की बात सुनी। मुलाकात के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनकी आज पेशी भी थी। डाॅ. चोपड़ा ने विज्ञप्ति में बताया कि एस.डी.एम. और तहसीलदार के नदारद होने के कारण पीड़ितों की पेशी नहीं हो पाई। डॉ. चोपड़ा ने एस.डी.एम. से फोन पर बात की तो एस.डी.एम. ने चुनाव कार्य में ड्यूटी के कारण अनुपस्थित होना बताया, और तहसीलदार को फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव ही नहीं किया। लोगों का काम बाधित हुआ।
डाॅ. चोपड़ा ने बताया कि लंबित मामलों को इतने दिन होने के बावजूद राजस्व कार्यालय में लोगों और किसानों के छोटे छोटे प्रकरण त्रुटि सुधार, बंटवारा नामा, पंजीयन जैसे मामलों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। जनता राजस्व कार्यालय के बाबू तहसीलदार और एस.डी.एम. के अनियमितता भरे कार्यों से त्रस्त हो चुकी है। जिसकी त्वरित शिकायत क्षेत्र की सांसद से फोन पर की गई। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को भी त्वरित फोन कर बताया गया कि किस प्रकार राजस्व कार्यालय में बाबू और अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निराकरण के लिए लोगों को वर्षों तक घुमाया जा रहा है। इससे पहले भी राजस्व मंत्री के पास भी इन मामलों के बारे में अवगत कराया जा चुका है। जिस पर मंत्री ने मामलों के निराकरण के निर्देश दिए। डॉ. चोपड़ा ने आगे कहा कि लिपिकीय कार्यों में लोगों के प्रकरणों को बाबू द्वारा टाइपिंग करते समय त्रुटि कर दिया जाता है और उस त्रुटि के सुधार हेतु पक्षकार को पेशी और कार्यालय का चक्कर लगवाया जाता है जबकि प्रकरण में जानबूझकर की गई त्रुटि को एस.डी.एम. या तहसीलदार द्वारा सुधार किया जा सकता है। पर ऐसा नहीं होता। भ्रष्ट बाबू और अधिकारियों को पैसा खाते बने और पक्षकार परेशान हो, इसके लिए प्रकरणों में त्रुटि की जाती है।
बाद में डॉ. चोपड़ा और साथियों ने कलेक्ट्रेट जाकर कलेक्टर से मिल कर सभी विषयों को उनके समक्ष रखा और कहा कि डेढ़ माह पहले निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रकरणों पर कोई प्रगति नहीं दिखी। जिस पर कलेक्टर ने एस.डी.एम. और तहसीलदार को तुरन्त निर्देश दिया कि जल्द से जल्द प्रकरणों का निराकरण अगले सोमवार तक किया जाए। जिसकी एक सप्ताह बाद समीक्षा करेंगे। विज्ञप्ति में बताया कि दो सप्ताह तक मामलों का निराकरण नहीं हुआ तो सभी पीड़ित रायपुर तक मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के पास पैदल यात्रा कर सभी मामलों के न्याय की बात करेंगे।