सहनशील, विनम्र, पुण्यकर्मी व्यक्ति के घर आते हैं भगवान : साध्वी वर्षा नागर

श्रीरामकथा सुनने प्रतिदिन उमड़ रहा श्रद्धालुओं की भीड़
महासमुंद। तुमगांव में गत 22 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सप्त दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें श्रीश्री 1008 श्री महामंडलेश्वर साध्वी अन्नपूर्णा गिरी जी (वर्षा जी नागर) निरंजनी पंचायती अखाड़ा उज्जन मध्यप्रदेश द्वारा भगवान श्रीराम के कथाओं का वर्णन किया जा रहा है। प्रथम दिवस 22 दिसंबर को कलशयात्रा निकाली गई। कथा के चाैथे दिवस 26 दिसंबर को श्रीराम जन्म व श्रीराम विवाह कथा का वाचन साध्वी वर्षा जी नागर ने किया। इस अवसर पर साध्वी वर्षा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है। जब भी अवसर मिलता है मैं, यहां अवश्य आती हूं। आज धर्म नगरी तुमगांव में चंद्राकर परिवार के पुण्य कर्मों का लाभ समस्त नगर वासियों को मिल रहा है।
साध्वी वर्षा नागर जी ने कथा प्रसंग आगे बढ़ाते हुए कहा कि राम जैसे पूत्र पाने के लिए दशरथ जैसा बनना पड़ता है। दशरथ ने रजो, तमो गुण, सतो गुण पर विजय प्राप्त कर लिया था। सत्व का अर्थ है पवित्रता और ज्ञान सतोगुण वाले व्यक्ति भले, पुण्यवान, करूणावान, मैत्रीवान, दयावान, प्रेमी, क्षमावान, नम्रताशील, सहनशील होते हैं। तथा भगवान ऐसे पुण्य कर्मी, सत्यवादी के घर ही आते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा व सम्मान करना है ताे छोटे, गरीब, वंचितों का करो। अमीर और धनी लोगों का तो हर कोई सम्मान करता है? यदि बड़ा बनना है तो छोटों को सम्मान दो, आदर दो। तभी आपका व्यक्तित्व आदर्श व्यक्तित्व के रूप में निखरेगा। उन्होंने श्रीराम विवाह कथा का श्रवण श्रोता भक्ताें को कराया।
उल्लेखनीय है उक्त सप्त दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन घनश्याम चंद्राकर, श्रीमती श्यामकुंवर चंद्राकर परिवार द्वारा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों श्रोता कथा श्रवण करने उपस्थित हो रहे हैं। कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है। श्रीराम विवाह कथा श्रवण करने प्रमुख रूप से नपं अध्यक्ष राकेश चंद्राकर भी उपस्थित हुए। उन्होंने साध्वी वर्षा नागर का आशीर्वाद लिया तथा भगवान श्रीराम की पूजा कर नगर वासियों की खुशहाली की कामना की। कथा श्रवण करने मुख्य रूप से पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सेवनलाल चंद्राकर, ईश्वर चंद्राकर-वंदना चंद्राकर , शिव-श्रीमती मधु, दिनेश- पिंकी, पोषण-माला, दिनेश्वरी-नरोत्तम, श्रेया-यश, राजेश चंद्राकर, पप्पू चंद्राकर, भावेश चंद्राकर, बीआर चंद्राकर, नंदकुमार चंद्राकर, रामगोपाल यादव, गोविंद निर्मलकर, धर्मेंद्र यादव, हेमलता चंद्राकर, दिलीप चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में तुमगांव वासी उपस्थित रहे।