अंतर्राष्ट्रीय मृदा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
महासमुंद। अंतर्राष्ट्रीय मृदा दिवस के अवसर पर कल 5 दिसंबर को ग्राम गुडरूडीह में जागरूक्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीण कृषक गण बड़ी संख्या में शामिल हए। कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद के मृदा वैज्ञानिक डाॅ. कुणाल चंद्राकर तथा इफको के फील्ड आफिसर साजिद रजा मुख्य रूप से उपस्थित थे। अध्यक्षता जनपद सदस्य रमाकांत ध्रुव ने किया। इस मौके पर सर्वप्रथम अतिथियों तथा डिजिटल फॉर्म स्कूल की महिला किसान बहनों द्वारा मिट्टी की पूजा की गयी। पश्चात अतिथियों का उद्बोधन शुरू हुआ साजिद रजा ने बताया कि संसाधनों का उपयोग तो कर ही रहे हैं यदि हम अगली पीढ़ी को इसको इसी रूप में देना चाहते हैं तो हमें मिट्टी, पानी, हवा को शुद्ध रखने हेतु प्रयास करने होंगे। इस हेतु हमें नए विकल्पों का उपयोग करना होगा। जैसे हमें पराली न जलाकर डी कंपोजर के माध्यम से इसका प्रबंध कर सकते हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में रमाकांत ध्रुव ने कहा कि आजादी के बाद सबसे बड़ी चुनौती अपनी जनसंख्या का पेट भरना था। हमने नए उन्नत बीजों तथा रासायनिक खाद, रासायनिक दवाओ का उपयोग कर अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गए। लेकिन, मृदा स्वास्थ्य तथा पानी दूषित होना शुरू हो गया। अब आवश्यकता इस बात की है कि नई तकनीक का सहारा लें और हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए इन संसाधनों को स्वस्थ व स्वच्छ बनाकर रखें।
मुख्य वक्ता डाॅ. कुणाल चंद्राकर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण हमारी मिट्टी का क्षरण हो रहा है। कटाव से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है, पानी की पहुंच कम होती है और सभी प्रकार के जीवन के लिए पानी की उपलब्धता कम होती है, और भोजन में विटामिन और पोषक तत्वों का स्तर घटता है। संचालन संतोष कुमार सिंह प्रोजेक्ट मैनेजर रिलायंस फाउंडेशन द्वारा किया गया। इस दाैरान पंच ललिता ध्रुव, उमा ध्रुव, सावत्री ध्रुव, राधा बाई, तुलाराम ध्रुव, भूषण ध्रुव, थानु ध्रुव, सालिक, जय ध्रुव आदि उपस्थित रहे।
