स्मार्ट मीटर लगने से मीटर रीडरों के समक्ष बेरोजगारी का संकट

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा को समस्या बताकर सीएम के नाम साैंपा ज्ञापन
महासमुंद। विद्युत विभाग द्वारा वर्तमान में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। इसके चलते मीटर रीडिंग कार्य में लगे कर्मचारियों के समक्ष बेरोजगारी का संकट उत्पन्न हो गया है। मीटर रीडर संघ के रमेश कुमार चंद्राकर मालीडीह, पोषण यादव मोहकम, नारायण यादव तुमगांव, देवेंद्र कुमार निर्मलकर तुमगांव आदि ने उक्त समस्या को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा राकेश चंद्राकर को समस्या से अवगत कराते हुए रीडरों पर मंडरा रहे बेरोजगारी की संकट का समाधान करने की मांग की है। तथा मुख्यमंत्री के नाम उन्हें एक आवेदन भी साैंपा। जिसमें मीटर रीडरों को बिजली विभाग में समकक्ष अन्य कार्य प्रदान करने की मांग की गई है।
रीडरों ने कहा स्मार्ट मीटर लगने से छत्तीसगढ़ के 7000 मीटर रीडर बेरोजगार होने के कगार पर हैं। समस्त मीटर रीडरों ने 20 वर्षों से भी अधिक समय तक विद्युत विभाग को राजस्व जुटाने में मदद की। अब उनके सामने ही रोजी-रोटी का संकट है। उनका परिवार पूरी तरह उन्हीं पर आश्रित है। उन्हें अब अपने परिवार का पालन पोषण करने की चिंता सताने लगी है। रीडरों ने बताया कि छत्तीसगढ़ मीटर रीडर संघ द्वारा शासन-प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया है। लेकिन आज तक ठोस फैसला नहीं लिया गया।
रीडरों ने बताया कि उन्हें इससे पूर्व भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय में संघ द्वारा सूचना का अधिकार लगाया गया था। इसका जवाब भी संघ को मिल चुका है। इसमें स्पष्ट रूप उल्लेखित किया गया है कि छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी मीटर रीडरों को रीडिंग बिलिंग के अतिरिक्त अन्य कामों पर रख सकती है। संघ ने मीटर रीडरों को अन्य कामों में रखने की मांग की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा राकेश चंद्राकर ने कहा िक मीटर रीडरों की समस्याओं से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को वे अवगत कराकर इन कर्मचारियों को बिजली विभाग में अन्य कार्यों पर लगाए जाने का निवेदन करेंगे।

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