पीएम आवास, द्रोपदी ने कहा, हर साल खपरैल बदलने से मिली मुक्ति

उत्तर बस्तर कांकेर, 2 दिसम्बर 2024। प्रधानमंत्री आवास योजना हितग्राहियों के सिर पर न सिर्फ छत दे रही है बल्कि विभिन्न प्रकार की परेशानियों से निजात भी दिला रही है। इस योजना से ग्रामीणों की तकदीर व तस्वीर दोनों बदल गई है। नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम मुड़पार निवासी श्रीमती द्रोपदी कश्यप जो प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही हैं, ने बताया कि इस योजना से कई तरह की परेशानियां दूर हुईं।
हितग्राही श्रीमती द्रोपदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2020-21 में आवास स्वीकृत हुआ जो अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से पक्के मकान का सपना पूरा हुआ ही, इसके अलावा बारिश के दिनों में कच्चे मकान में होने वाली सीलन, कीड़े-मकोड़ों का डर भी सताता रहता था। श्रीमती कश्यप ने बताया कि पहले कच्चा घर होने से हर साल खपरैल (कवेलू) बदलवाने का झंझट होता था। इससे पूरी तरह से अब मुक्ति मिल गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार का सपना बड़े मकान का था, जो अब साकार हो गया है। श्रीमती कश्यप ने स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रूपए मिले तथा 6 लाख रूपए का ऋण महिला संगठन से लिया। इसके अतिरिक्त कुछ रूपए बैंक से भी उधार लिए। श्रीमती द्रोपदी आज खुश हैं कि उनका और उनके परिवार का सपना पूरा हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का साधुवाद देते हुए आभार प्रकट किया।
ग्राम मुड़पार (दखनी) की ही श्रीमती बिमलाबाई सरोज ने भी योजनांतर्गत पक्के आवास का निर्माण कराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में उनका आवास स्वीकृत हुआ और 2023 के वर्षान्त में पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। आवास निर्माण के लिए उन्हें क्रमशः 40 हजार, 60 हजार उसके बाद 20 हजार रूपए बैंक खाते में मिले। इसके अलावा खुद के घर में मजदूरी करने के एवज में 20 हजार रूपए की अतिरिक्त राशि मिली। उनके पति श्री दु्रपसिंह सरोज ने बताया कि पक्का आवास के बन जाने से उनके सालों पुरानी इच्छा पूरी हो गई। सरोज दम्पति ने पक्के आवास बन जाने पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया।