महिला यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर कार्यशाला व जागरुकता शिविर

दंतेवाड़ा, 2 दिसंबर 2024। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के संबंध में कार्यशाला एवं कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में आयोजित इस कार्यशाला में जानकारी दी गई है कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम में एक विधायी अधिनियम है जो महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाने का प्रयास है. यह अधिनियम 2013 से लागू हुआ, इसने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1997 में जारी विशाखा दिशानिर्देशों का स्थान लिया है।
इस अधिनियम को दृष्टिगत रखते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित,मामलों को गंभीरता से लिया जाता है. इस तरह के कदाचार की जांच उक्त अधिनियम के प्रावधानों, नियमों, आचरण विनियम के आधार पर की जाती है। उक्त कार्यक्रम में प्राधिकरण के सचिव श्रीमती अपूर्वा दांगी महिला एवं बाल विकास के अधिकारी एवं पैरालीगल वालेंटियर उपस्थित थे।