कृषि विज्ञान केन्द्र में क्रॉप डॉक्टर मोबाइल ऐप पर प्रशिक्षण
दंतेवाड़ा, 22 नवंबर 2024। आदिवासी क्षेत्रों में कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादन में सुधार करने के उद्देश्य से फसल (क्रॉप) डॉक्टर मोबाइल ऐप पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कृषि सांख्यिकी विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों कृषकों को इस ऐप का उपयोग करना सिखाना था, जिससे वे अपनी फसलों की निगरानी करने के अलावा कृषि से संबंधित समस्याओं का समाधान पा सकें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष, मानवाधिकार परिषद, जसवीर नेगी, प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, केवीके, दन्तेवाडा डॉ. प्रवीण कुमार निषाद, एवं वैज्ञानिक, कृषि संख्यिकी विभाग डॉ. डी.पी. सिंग उपस्थित थे। प्रशिक्षण में कृषि सांख्यिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. सिंग एवं तकनीकी सलाहकारों ने किसानों को क्रॉप डॉक्टर ऐप के विभिन्न फीचर्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ऐप का उपयोग करके किसान अपनी फसल की स्थिति का विश्लेषण कर, फसलों की बीमारियों की पहचान और निदान तथा उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उचित सुझाव प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नेगी ने इस मौके पर कहा कि डिजिटल तकनीक आज के समय की आवश्यकता हैं। आदिवासी क्षेत्रों में खेती को सशक्त बनाने के लिए यह प्रशिक्षण एक बड़ा कदम है। इससे न केवल किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वे बाजार के साथ सीधे जुड़कर अपनी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त कर सकेंगे। कार्यक्रम में 80 से अधिक किसानों एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और इस पहल को लेकर उत्साह दिखाया। कृषकों का कहना था कि वे इस तकनीक के माध्यम से कृषि को व्यवस्थित तरीके से कर सकते है। फसल डॉक्टर ऐप हमारी समस्याओं का त्वरित समाधान प्रदान करता है। अब हमें फसल से संबंधित जानकारी हेतू विशेषज्ञ की राय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्र के कर्मचारी अनिल ठाकुर, डॉ. सत्यनारायण सिंग, एस. के. पोडियाम, विनोद पाण्डेय, राजकुमार एवं अन्य कर्मचारियों का सहयोग रहा।
