शंकराचार्य ने कहा, गांधी राष्ट्रपिता नहीं, गाय को लेकर होना चाहिए सामान कानून
रायपुर 7 अक्टूबर 2024। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारत में राष्ट्रपिता जैसी कोई चीज नहीं है। भारत कब से है यह कोई नहीं जानता है. पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना बने, क्योंकि पाकिस्तान नया जन्मा था। भारत तो पहले से था, भारत को किसी ने नहीं जन्मा. कोई भी यहां राष्ट्रपिता के पर पद प्रतिष्ठित नहीं किया जा सकता है. लोग अफवाह फैलाते हैं और कहते हैं कि मोहनदास करमचंद गांधी राष्ट्रपिता है। वे राष्ट्रपिता नहीं हो सकते। इसके साथ ही उन्होंने गौ-माता की प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में आंदोलन जारी रहने पर कहा कि एक देश-एक टैक्स और एक देश-एक चुनाव की बातें होती हैं, तो गाय को लेकर भी एक समान कानून होना चाहिए। इसको लेकर हम सभी प्रांत में आंदोलन कर रहे है और लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। गौ-माता की प्रतिष्ठा होनी चाहिए। मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर करने की मांग उठी है, क्या ये सही है? इस सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि बहुत अच्छा किया है, हम समर्थन करते हैं। मर्यादा की रक्षा करना सबके बस की बात नहीं है, जो धर्मनिरपेक्षता की शपथ लिए हैं, उनके बस की तो बिल्कुल बात नहीं है. छत्तीसगढ़ में गौ-माता को लेकर शंकराचार्य महाराज ने कहा कि हमें छत्तीसगढ़ से बड़ी उम्मीद है हर गांव में यहा हर कोई गाय के साथ दिखाई देता है. यहां के लोगों में गाय के प्रति बड़ी भक्ति है. छत्तीसगढ़ में महतारी के रूप में गाय माता को माना जाएगा. ऐसी हमें उम्मीद है. हम अयोध्या गए थे. वहां पर हमने साढ़े तीन किलोमीटर तक परिक्रमा की है, हम दर्शन करने इस लिए नहीं जा पा रहे हैं हमारा भी मन है. उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया है, हमने भगवान से कहा है गाय की रक्षा करो, इस देश में गाय मारी जा रही है, काटी जा रही है। इस देश में गाय की रक्षा हो, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना चाहिए ये हमारी मांग है।
