धान खरीदी से पहले ही तस्करी का खेल!
15 नवंबर से खरीदी शुरू होने से पहले अवैध धान परिवहन पर शिकंजा, सरायपाली में 8 बिचौलियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
महासमुंद। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने में अभी समय है, लेकिन इससे पहले ही अवैध धान के परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी से पहले ही अवैध धान के परिवहन पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सरायपाली अनुविभाग में प्रशासन ने ऐसे 8 बिचौलियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि खरीदी शुरू होने से पहले ही धान का यह खेल आखिर किस स्तर तक पहुंच चुका है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026 के दौरान धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने तथा अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की नजर खासतौर पर उन लोगों पर है, जो किसानों के नाम पर धान का अवैध परिवहन अथवा खरीदी-बिक्री कर समर्थन मूल्य की सरकारी व्यवस्था में गड़बड़ी की कोशिश कर सकते हैं।
सरायपाली में 8 जांच चौकियां, लगातार निगरानी
सरायपाली एसडीएम तेजपाल सिंह ध्रुव के अनुसार अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनुविभाग में कुल 8 जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से धान लेकर आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जांच के दौरान अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए 8 बिचौलियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 126, 135 एवं 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
खरीदी केंद्रों तक पहुंचने से पहले ही रोकने की तैयारी
धान खरीदी की तारीख नजदीक आते ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध धान को सरकारी खरीदी व्यवस्था में खपाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच चौकियों के जरिए धान के परिवहन की निगरानी के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही धान का विक्रय करें। साथ ही अवैध धान परिवहन, खरीदी-बिक्री या बिचौलियों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने कहा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
