अर्नब चक्रवात के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर, 27 अक्टूबर 2026/ अर्नब चक्रवात के संभावित प्रभाव एवं मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को देखते हुए जिला प्रशासन कांकेर द्वारा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर भागवत प्रसाद जायसवाल ने आज जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला एवं तहसील स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने, संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। इसके लिए कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 76479-70445 है। आपात स्थिति में उक्त नंबर पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसी प्रकार तहसील मुख्यालयों में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियंत्रण कक्ष एवं आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि वर्षा, जलभराव, सड़क अवरोध, मकान क्षति, जनहानि सहित अन्य घटनाओं की जानकारी संकलित करने के लिए रजिस्टर एवं डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था तैयार रखी जाए। सभी संबंधित अधिकारियों के नाम, मोबाइल नंबर एवं वैकल्पिक संपर्क नंबर उपलब्ध रहें। आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ अथवा अन्य सक्षम बचाव एजेंसियों से सहायता लेने की प्रक्रिया भी स्पष्ट रखी जाए। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, लोक निर्माण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को सतर्क रहने और आपदा पूर्व आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य, विद्युत एवं बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रखने तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को जर्जर बिजली खंभों, झूलते तारों एवं बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाओं से होने वाले संभावित नुकसान की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग एवं अन्य निर्माण एजेंसियों को सड़कों, पुल-पुलियों की सतत निगरानी रखने तथा कटाव, सड़क क्षति एवं जलभराव की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जल संसाधन विभाग को बांधों में जलभराव की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया।
स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा जांचने के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी, आदिवासी विकास विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को स्कूलों, छात्रावासों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की सुरक्षा जांचने के निर्देश दिए गए। कमजोर छतों, जर्जर भवनों एवं जलभराव वाले परिसरों की पहचान कर आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम चेतावनी एवं स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर शैक्षणिक संस्थानों के संचालन अथवा अवकाश के संबंध में प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों को सतर्क रखने तथा स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसी प्रकार खाद्य विभाग को उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
किसानों एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए समय रहते करें उपाय
कृषि एवं पशुपालन विभाग को किसानों को मौसम संबंधी सलाह समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पशुओं को खुले मैदानों, नदी-नालों एवं अन्य असुरक्षित स्थानों से हटाकर सुरक्षित आश्रय में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार पशु चिकित्सा दलों को तैयार रखने को कहा गया है।
बचाव दलों को तैयार रखने और जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर
आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पुलिस, स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। नगर सेना, होमगार्ड, अग्निशमन दल एवं बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों सहित तैयार रखने को कहा गया। अपर कलेक्टर श्री जायसवाल ने जनसंपर्क माध्यमों एवं मुनादी के जरिए आम नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों से अवगत कराने, सतर्कता बरतने तथा बदलती परिस्थितियों के संबंध में समय-समय पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
