वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का हल्लाबोल, गांधी चौक पर पुतला फूंका
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया
बागबाहरा। केंद्र सरकार की नीतियों, लोकतंत्र एवं संविधान पर कथित हमले तथा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में कोमाखान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर बस स्टैंड से गांधी चौक तक मार्च निकाला और गांधी चौक में ज्ञानेंद्र कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बस स्टैंड पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता गांधी चौक पहुंचे। मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जताया। गांधी चौक पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और इसके पश्चात ज्ञानेंद्र कुमार का पुतला दहन किया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मताधिकार की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कथित वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष खेमराज सिन्हा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में हरिशंकर यादव, मनोहर ठाकुर, किशोर चतुर्वेदी, प्रदीप यादव, वसीम रजा, अंजोर सिंह ठाकुर, शिवचरण कुर्रे, तूफान दीवान, आशीष दीवान, गोलू जैन, सुनील टांडे, राजेश कुमार, चैतराम, वाजिद खान, नारायण सिंह, चमन लाल, हरिहर सिन्हा, गिरवर सिन्हा, रामकुमार साहू, थानेश्वर दीवान, आकाश चंद्राकर, श्याम सुंदर, अयूब खान, हेमलाल दीवान, हरिहर दीवान, लाल सिंह साहू, चमन चक्रधारी, अशफाक मिर्जा, शशांक श्रीवास, गिरवर सिंह, समीर खान, दैवज्ञ चंद्राकर और राजू जैन सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने प्रदर्शन के माध्यम से कथित वोट चोरी के आरोपों, केंद्र सरकार की नीतियों तथा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े अपने सवालों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
