स्मार्ट मीटर कटने के बाद भी बिजली चोरी, 78 कनेक्शन पकड़े
महासमुंद-गरियाबंद में 195 विच्छेदित कनेक्शनों की जांच, 27 टीमों ने मारा छापा; बाईपास और हुकिंग करते मिले उपभोक्ता
महासमुंद। स्मार्ट मीटर से बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी चोरी-छिपे बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर अब बिजली विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के महासमुंद वृत्त ने महासमुंद और गरियाबंद जिले में विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे 78 उपभोक्ताओं को पकड़ा है, जो कनेक्शन विच्छेदित होने के बाद भी बाईपास कनेक्शन अथवा एलटी लाइन से हुकिंग कर बिजली का अनधिकृत उपयोग कर रहे थे। कार्रवाई के बाद ऐसे उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति है।
महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और गरियाबंद संभागों में 27 जांच टीमों ने सघन निरीक्षण किया। टीमों ने ऐसे 195 विद्युत कनेक्शनों की वास्तविक स्थिति की जांच की, जिनकी बिजली लाइन 15 दिन से अधिक समय पहले विच्छेदित की जा चुकी थी। जांच में 78 कनेक्शन ऐसे मिले, जहां उपभोक्ता बिना वैध कनेक्शन के बिजली का उपयोग करते पाए गए। इनमें महासमुंद जिले के 69 और गरियाबंद जिले के 9 मामले शामिल हैं।
कनेक्शन कटा, फिर भी चल रही थी बिजली
विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर के जरिए बकाया बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिमोट से विच्छेदित किए जा रहे हैं। इसके बाद यह पता लगाने के लिए कि संबंधित परिसर में बिजली का उपयोग पूरी तरह बंद हुआ है या नहीं, विभाग द्वारा नियमित जांच की जा रही है। इसी जांच में कई उपभोक्ता बाईपास कनेक्शन और एलटी लाइन में हुकिंग कर बिजली चोरी करते पकड़े गए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्युत कनेक्शन कटने के बाद किसी भी वैकल्पिक अथवा अनधिकृत तरीके से बिजली का उपयोग करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ बकाया एवं चोरी की विद्युत राशि की गणना कर वसूली भी की जाएगी।
135 और 138 के तहत एफआईआर की तैयारी
विद्युत विच्छेदन के बाद बाईपास अथवा हुकिंग के जरिए बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 एवं 138 के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा संबंधित मामलों में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने और प्रकरणों को सक्षम विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
2,559 स्मार्ट मीटर कनेक्शन फिर काटे
इधर, 16 अक्टूबर को महासमुंद वृत्त में 2,559 बकायादार स्मार्ट मीटर कनेक्शनों को रिमोट के माध्यम से विच्छेदित किया गया। विभाग इन कनेक्शनों की आगामी माह में दोबारा जांच करेगा। जांच के दौरान यदि कोई उपभोक्ता कनेक्शन कटने के बाद भी बाईपास या हुकिंग के जरिए बिजली का उपयोग करता मिला तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कटौती से पहले मोबाइल पर पहुंच रहा संदेश
विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर से कनेक्शन काटने से पहले बकायादार उपभोक्ताओं के मोबाइल पर संदेश भेजकर बिजली बिल जमा करने की सूचना दी जा रही है। विभाग का दावा है कि इसका सकारात्मक असर भी सामने आया है। कई उपभोक्ता संदेश मिलने के बाद तत्काल बकाया बिल जमा कर रहे हैं, जिससे उनका कनेक्शन विच्छेदित होने से बच रहा है।
हालांकि, सूचना के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिमोट के माध्यम से काटे जा रहे हैं। इसके बाद भी अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करने वालों की निगरानी और जांच लगातार जारी रहेगी।
31 मार्च 2028 तक चलेगा अभियान
महासमुंद वृत्त ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर से विच्छेदित कनेक्शनों की निगरानी और जांच का यह विशेष अभियान 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगा। विभाग का लक्ष्य बिजली चोरी और अनधिकृत उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ विद्युत राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है।
समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
विद्युत विभाग ने महासमुंद और गरियाबंद जिले के घरेलू, कृषि पंप और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ शासन की समाधान योजना के तहत पात्रतानुसार उपलब्ध लाभ का उपयोग करते हुए अपने बकाया विद्युत देयकों का भुगतान करें। विभाग ने उपभोक्ताओं को चेताया है कि वे केवल वैध विद्युत कनेक्शन से ही बिजली का उपयोग करें। कनेक्शन विच्छेदित होने के बाद किसी भी तरह से बिजली का अनधिकृत उपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
