सेवा संकल्प अभियान के तहत योग एवं ध्यान सत्रों का आयोजन, 1,627 लोगों ने लिया लाभ
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित किए जा रहे योग एवं ध्यान सत्र
योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया जा रहा जागरूक
बालोद, 12 अक्टूबर 2026/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आयुष विभाग के तत्वावधान में जिले के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एकदिवसीय योग एवं ध्यान सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इन सत्रों के माध्यम से ग्रामीणों को योग, प्राणायाम और ध्यान के महत्व की जानकारी देकर इन्हें अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आयुष विभाग द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्राम पंचायतों के सरपंच, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रमों का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ किया जाता है। इसके बाद योग प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया जाता है।
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को 12 प्रकार के योगासन और 5 प्रकार के प्राणायाम का अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही मानसिक शांति, एकाग्रता बढ़ाने और तनाव प्रबंधन के उद्देश्य से लगभग 15 मिनट का ध्यान सत्र भी आयोजित किया जा रहा है। योग प्रशिक्षकों द्वारा नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान के महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को अंकुरित आहार एवं आयुष काढ़ा वितरित किया जाता है।
10 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 1,627 लोगों ने लिया भाग
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित योग एवं ध्यान सत्रों में अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार 10 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कुल 1,627 लोगों ने भाग लिया है। इनमें नेवारीकला में 8 अक्टूबर को 140, बड़भूम में 9 अक्टूबर को 84 तथा 10 अक्टूबर को डुण्डेरा में 487, सिकोसा में 105, ग्राम भिलाई में 160, भाठागांव (आर) में 85, सिब्दी में 96, सिर्री में 87, हल्दी में 280 और कमरौद में 103 प्रतिभागी शामिल हुए।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन योग एवं ध्यान सत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों में योग, प्राणायाम और आयुष पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। साथ ही लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
