छत्तीसगढ़ के 31 हजार से अधिक गन्ना किसानों को मिलेगा 51.09 करोड़ रुपए का बोनस

गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया
दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद के 762 किसानों को मिलेगा लगभग 3.52 करोड़ रुपए का बोनस
बालोद, 12 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात देते हुए गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपए से बढ़ाकर 425 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय से पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपए का बोनस मिलेगा। इस निर्णय से बालोद जिले के दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े किसानों को भी लाभ मिलेगा।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार का यह निर्णय गन्ना किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल देने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश के गन्ना किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि बोनस की गणना का आधार बढ़ने से किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे उन्हें खेती की लागत पूरी करने, आगामी फसल की तैयारी करने और गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
एफआरपी के आधार पर मिलेगा 95.95 रुपए प्रति क्विंटल बोनस
पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 329.05 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित आधार पर लिया गया है। बोनस की गणना के लिए निर्धारित 425 रुपए में से एफआरपी की राशि घटाने पर किसानों को 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।
जिले के 762 गन्ना किसानों को मिलेगा लाभ
इस निर्णय के तहत दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद से जुड़े 762 किसानों को लगभग 3.52 करोड़ रुपए का बोनस मिलेगा। वहीं, भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा के 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपए, सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को लगभग 11.68 करोड़ रुपए तथा महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग 11.35 करोड़ रुपए का बोनस मिलेगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय से सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े हजारों गन्ना किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। बोनस राशि से किसानों को कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने और आगामी फसल की तैयारी में सहायता मिलेगी। इससे प्रदेश में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

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