कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक संपन्न
लापता व्यक्तियों की सुरक्षित वापसी को लेकर कलेक्टर ने दिए समन्वित प्रयास के निर्देश
बंधुआ मजदूरी, अपहरण, अवैध व्यापार और शोषण की आशंका वाले मामलों की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के भी दिए निर्देश
गरियाबंद 09 सितंबर 2026/ कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अंतरराज्यीय स्तर पर गुम हुए व्यक्तियों एवं बालिकाओं की स्थिति, उनकी बरामदगी तथा गुमशुदगी के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर, नवीन भगत एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके सहित समिति में शामिल संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। टास्क फोर्स समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित कर ऐसे प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की जाती है।
बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने अंतरराज्यीय स्तर पर गुम हुई बालिकाओं के प्रकरणों की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 43 बालिकाओं के गुम होने के प्रकरणों में 38 बालिकाओं को बरामद किया जा चुका है, जबकि 5 नए प्रकरण सामने आए हैं। कलेक्टर ने नए एवं लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि गुम हुए व्यक्तियों एवं बालिकाओं के मामलों में केवल बरामदगी तक सीमित न रहते हुए गुमशुदगी के वास्तविक कारणों की भी जांच की जाए। विशेष रूप से बंधुआ मजदूरी, अपहरण, प्रेम-प्रसंग, अवैध मानव व्यापार एवं अन्य प्रकार के शोषण से जुड़े पहलुओं की जांच करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में रोजगार अथवा अन्य कारणों से गए व्यक्तियों एवं बालिकाओं के शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग एवं पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय से जानकारी जुटाएं तथा यदि किसी व्यक्ति को अवैध रूप से दूसरे राज्य ले जाने अथवा शोषण में संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बच्चों की काउंसलिंग और पढ़ाई पर विशेष ध्यान –
कलेक्टर ने बच्चों को गुमशुदगी एवं असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने के लिए स्कूल स्तर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी काउंसलिंग एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा जाए तथा उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, सुरक्षित वातावरण में रहने तथा किसी प्रकार के प्रलोभन या बहकावे में नहीं आने के लिए जागरूक किया जाए।
लापता व्यक्तियों को सुरक्षित घर पहुंचाने में विभागों के बीच समन्वय जरूरी –
कलेक्टर ने कहा कि लापता बच्चों एवं व्यक्तियों की सुरक्षित बरामदगी के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से उनके जिले एवं परिवार तक वापस लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास, श्रम तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाए और जिन मामलों में दूसरे राज्यों से समन्वय की आवश्यकता है, वहां संबंधित राज्यों के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों एवं कमजोर वर्ग के लोगों को अवैध रूप से दूसरे राज्यों में ले जाने, बंधुआ मजदूरी अथवा किसी भी प्रकार के शोषण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ प्रकरणों पर कार्य करते हुए पीड़ितों की सुरक्षा एवं पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
