जनदर्शन में ब्रेकर, आवास से लेकर फसल बीमा तक की फरियाद लेकर पहुंचे लोग

कलेक्टर ने कहा—हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशीलता से करें निराकरण
जनदर्शन में मिले आवेदन, अधिकारियों को प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश
धमतरी, 8 सितंबर 2026/कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में ग्राम पंचायत तेलीनसत्ती के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर आवश्यक स्थान पर ब्रेकर निर्माण तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आवास स्वीकृत किए जाने की मांग रखी। डॉ. शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शाला समिति के अध्यक्ष ने वाणिज्य विषय के व्याख्याता की पदस्थापना में संशोधन के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। राजीव कॉलोनी मंडला की सुमन झारिया ने अपनी पुत्री की कस्टडी प्राप्त करने के संबंध में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर को आवेदन सौंपा।
तर्रागोंदी के प्रभुराम साहू ने न्याय नहीं मिलने की शिकायत रखते हुए इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई। कलेक्टर ने ऐसे संवेदनशील प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। खरेंगा के यशवंत कुमार साहू ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए सोलर इन्वर्टर में खराबी तथा कंपनी में शिकायत के बावजूद सुधार नहीं होने की समस्या बताई।
इसी तरह मोहंदी, मगरलोड के किसानों ने वर्ष 2025-26 की फसल बीमा राशि दिलाने की मांग रखी। ग्राम पंचायत कोड़ेगांव रैयत के ग्रामीणों ने स्थायी ग्राम पंचायत सचिव की नियुक्ति के संबंध में आवेदन दिया। जनदर्शन में शिक्षा, आवास, सड़क सुरक्षा, कृषि, फसल बीमा, विद्युत, पंचायत सहित विभिन्न विभागों से संबंधित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं सामने आईं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदन केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें। प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध परीक्षण, स्पष्ट कार्रवाई और परिणामपरक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिले तथा शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनी रहे, अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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