जिला पंचायत सीईओ ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देश
महासमुंद 08 सितम्बर 2026/कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत की सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।
रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जिला पंचायत सीईओ सुश्री आनंद ने सीईओ, सीएमओ, एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। उन्होंने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें। सीईओ ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने बताया कि 01 जनवरी से अगस्त माह तक की अवधि में बिना हेलमेट के 22 हजार 358 एवं बिना सीट बेल्ट के 426 प्रकरण दर्ज किए गए। पीएम राहत योजना अंतर्गत कुल 44 प्रकरणों में से 28 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध 35 प्रकरण बनाकर 3 लाख 40 हजार रुपए की वसूली की गई है।

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