कलेक्टर ने ली साइबर जागरूकता अभियान को लेकर अधिकारियों की बैठक
साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़ और साइबर क्राइम मुक्त बेमेतरा बनाने पर हुआ विचार-मंथन
बेमेतरा 08 सितंबर 2026/जिले को साइबर अपराध मुक्त बनाने और नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट के दिशा सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में साइबर जागरूकता अभियान को लेकर अधिकारियों की महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। अनजान लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी साझा करना, फर्जी कॉल पर विश्वास करना लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा रहा है। इसलिए शासन की मंशा है कि पूरे प्रदेश को साइबर क्राइम मुक्त बनाया जाए और इसी कड़ी में बेमेतरा जिले को भी साइबर क्राइम मुक्त जिला बनाना हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता केवल पुलिस का काम नहीं है, बल्कि सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक प्रत्येक नागरिक जागरूक नहीं होगा, तब तक साइबर अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लगाना संभव नहीं है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय –
व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश:
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संयुक्त रूप से स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, हाट-बाजारों और नगरीय क्षेत्रों में साइबर जागरूकता शिविर आयोजित करें। नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, बैनर, पंपलेट, सोशल मीडिया और मुनादी के माध्यम से लोगों को सरल भाषा में साइबर अपराधों के तरीकों और बचाव के उपायों के बारे में बताया जाए।
नागरिकों से सतर्कता की अपील:
बैठक में बताया कि अधिकांश साइबर अपराध लालच, डर और अज्ञानता के कारण होते हैं। नागरिकों से अपील किया गया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन और पासवर्ड साझा न करे।लॉटरी लगने, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल बंद होने जैसे फर्जी मैसेज और लिंक पर क्लिक न करे। अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जी कॉल या ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाना और पर शिकायत दर्ज कराएं।
’जागरूक नागरिक बनने का आह्वान
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को जागरूक नागरिक का परिचय देना होगा। अपने साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस और गांव के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को इस बारे में विशेष रूप से जागरूक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शासकीय कार्यालयों में साइबर जागरूकता संबंधी फ्लेक्सी लगाई जाए और शासकीय कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जाए।
