मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से कांकेर जिले के 24 शिक्षक सम्मानित
रायपुर, 05 सितम्बर 2026/शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला पंचायत कांकेर में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के 24 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक शालाओं के 21 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार तथा माध्यमिक शालाओं के 03 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से 03-03 शिक्षकों का विकासखंड स्तर पर चयन किया गया था। इसी प्रकार ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए माध्यमिक शाला के 03 शिक्षकों का जिला स्तर पर चयन किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 5 हजार रुपये तथा ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र मोमेन्टो प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 24 शिक्षकों को सम्मानित करते हुए 1 लाख 26 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
शिक्षकों को बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए: विधायक श्री नेताम
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कांकेर आशाराम नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित होना शिक्षकों के लिए गौरव की बात है। शिक्षक बच्चों को गढ़ने का काम करते हैं और आज के कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य को गढ़ने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य शिक्षक भी सम्मानित शिक्षकों से प्रेरणा लें और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य करें।
विधायक श्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक को हमेशा याद रखते हैं। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है, इसलिए शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका उचित मार्गदर्शन भी करना चाहिए। शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर देते हुए विधायक श्री नेताम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे सामान्य परिवारों से आते हैं। उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारे शासकीय स्कूल किसी भी तरह से निजी स्कूलों से कम नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को गढ़ने और उनका भविष्य संवारने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करते हुए शिक्षक स्वयं को सम्मान का हकदार बनाएं।
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित 21 शिक्षक
अंतागढ़ विकासखंड से श्रीमती हेमलता मांझी, प्राथमिक शाला भैरगांव; राधेश्याम ठाकुर, प्राथमिक शाला दर्राेखलारी तथा मुकेश कुमार साहू, प्राथमिक शाला कुदुरपाल को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भानुप्रतापपुर विकासखंड से शेख अमजद, प्राथमिक शाला नयापारा कुंडी; हरिश्चंद्र ठाकुर, प्राथमिक शाला कोकड़े तथा पुरुषोत्तम किरशाने, प्राथमिक शाला आमापारा भानबेड़ा को पुरस्कार प्रदान किया गया। चारामा विकासखंड से श्रीमती सरला सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला चारामा; संतोष सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला रंगोपारा मरकाटोला तथा शिव कुमार सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला केकतीपारा को शिक्षा दूत पुरस्कार मिला। दुर्गूकोंदल विकासखंड से नरेंद्र कुमार उयके, शासकीय प्राथमिक शाला मदले; सुकदेव कोड़ोपी, शासकीय प्राथमिक शाला नेलचांग तथा अनिल कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला चिहरो को पुरस्कार प्रदान किया गया।
कांकेर विकासखंड से श्रीमती भगवती ठाकुर, शासकीय प्राथमिक शाला डुमाली छोटेपारा; श्रीमती त्रिवेणी जैन, शासकीय प्राथमिक शाला सरंगपाल तथा श्रीमती रिया मरकाम, शासकीय प्राथमिक शाला भट्टीपारा देवरी को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोयलीबेड़ा विकासखंड से तुमेश्वर कुमार विश्वकर्मा, शासकीय प्राथमिक शाला छिंदटोला; रविंद्रनाथ सरदार, शासकीय पीएमश्री विद्यालय पी.टी.ई. 83 तथा श्रीमती दुर्गामनी नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला ढुढ़ापारा को पुरस्कार प्रदान किया गया नरहरपुर विकासखंड से दिनेश कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला मावलीपारा; श्रीमती सविता नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला माखाड़ी तथा झुमर सिंह नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला नयापारा भिरौद को शिक्षा दूत पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित सभी 21 शिक्षकों को 5-5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ शाल – श्री फल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान की गई।
ज्ञानदीप पुरस्कार से तीन शिक्षक सम्मानित
ज्ञानदीप पुरस्कार से चारामा विकासखंड की सुश्री खुशबू जैन शासकीय माध्यमिक शाला खैरवाही; कांकेर विकासखंड की श्रीमती रवी नाग शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुमाली तथा दुर्गूकोंदल विकासखंड के मधुराम नेताम शासकीय माध्यमिक शाला सुखई को सम्मानित किया गया।ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की पुरस्कार राशि,शाल -श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान की गई।
गोंडी भाषा सीखकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने वाले शिक्षक मुकेश साहू हुए सम्मानित
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित अंतागढ़ विकासखंड के प्राथमिक शाला कुदुरपाल के सहायक शिक्षक (एल.बी.) मुकेश कुमार साहू ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी पदस्थापना वर्ष 2010 में कुदुरपाल में हुई थी। उस समय क्षेत्र के अधिकांश बच्चे अपनी स्थानीय गोंडी भाषा में ही बातचीत करते थे तथा उन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं था। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं सबसे पहले गोंडी भाषा सीखी। इसके बाद वे बच्चों से उनकी स्थानीय गोंडी भाषा में संवाद करने लगे और धीरे-धीरे उन्हें हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का ज्ञान देना शुरू किया। श्री साहू ने बताया कि इस प्रयास से बच्चों में भाषा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपने गांव से बाहर अन्य स्थानों पर लोगों से बातचीत करने में भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित होने पर मुकेश कुमार साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
शिक्षक सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, नगर पालिका अध्यक्ष अरूण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, शिशुपाल शोरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव, महेश जैन, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, राजीव लोचन सिंह, ईश्वर कावड़े, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद सहित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
