चार दिन बाद मिली भागीरथ की लाश, नदी की झाड़ियों में फंसा था शव
जोक नदी में कार-बाइक की भीषण भिड़ंत के बाद हुआ था लापता
तलाश के बाद बलौदाबाजार जिले की चांदन-सुखरी नदी से बरामद हुआ शव
महासमुंद। जोक नदी के पुराने पुल पर चार दिन पहले हुए भीषण सड़क हादसे के बाद गहरे पानी में लापता हुए 55 वर्षीय भागीरथ साहू का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की लगातार खोजबीन के बाद भागीरथ का शव बलौदाबाजार जिले की चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। शव मिलने की खबर से परिजनों में मातम छा गया। चार दिनों से अपने परिजन की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के सामने आखिरकार दुखद सच्चाई सामने आ गई।
जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई को महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में जोक नदी के पुराने पुल पर कार और बाइक के बीच आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हुई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन अनियंत्रित होकर पुल के नीचे नदी में जा गिरे। हादसे में कार सवार दुधीपाली निवासी राजकुमार निषाद (42) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाइक सवार वारनवापार के गवरौद निवासी भागीरथ साहू (55) तेज बहाव में बह गए थे।
चार दिन तक नदी में चलता रहा रेस्क्यू अभियान
भागीरथ साहू के नदी में लापता होने के बाद सांकरा पुलिस, स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने तत्काल तलाश शुरू की। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में लगातार खोजबीन की। संभावित स्थानों पर गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने तलाश की, लेकिन शुरुआती प्रयासों में भागीरथ का कोई सुराग नहीं मिला।
लगातार चार दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार भागीरथ का शव बलौदाबाजार जिले की चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
एक झटके में उजड़ गया परिवार
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ ही पलों में एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। सड़क पर हुई आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों वाहन नदी में जा गिरे। कार में चार लोग सवार थे। हादसे में राजकुमार निषाद की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया था। वहीं बाइक सवार भागीरथ साहू तेज बहाव में बह गए। हादसे के बाद से परिवार और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम से हर पल किसी अच्छी खबर की उम्मीद लगाए हुए थे। चार दिन बाद शव मिलने से उम्मीद मातम में बदल गई।
तेज बहाव बना तलाश में सबसे बड़ी चुनौती
जोक नदी में हादसे के समय पानी का बहाव तेज था। दुर्घटना के बाद भागीरथ के नदी में बह जाने से रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव का पता लगाना था। पानी के बहाव के साथ शव दूर तक बहने की आशंका के चलते नदी के कई हिस्सों में तलाश की गई। अंततः बलौदाबाजार जिले की सीमा में चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच शव फंसा मिला। पुलिस ने शव बरामद कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
