कलेक्टर ने डौण्डी विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता के कार्यों की गहन समीक्षा की

उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु कार्य योजना बनाकर उसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति हेतु तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के दिए निर्देश
बालोद, 18 अगस्त 2026/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा जिले में शिक्षा गुणवत्ता की सुधार सुनिश्चित कर परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु लगातार जिले के सभी विकासखण्डों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक ली जा रही है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में डौण्डी विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता के कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हासिल करने के लिए निर्धारित कार्य योजना बनाकर उसके अनुरूप बच्चों का अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के शिक्षकों की कमी वाले सभी शालाओं में संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति हेतु तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश सभी प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि डौण्डी विकासखण्ड डीएमएफ प्रभावित विकासखण्ड होने के कारण यहाँ पर जिला खनिज न्यास संस्थान से संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही होगी। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के स्कूलों में नवीन शाला भवन निर्माण, शाला मरम्मत, स्कूलों में शेड निर्माण आदि की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने वीबी जीरामजी योजना में भी शालाओं में अधोसंरचना से जुड़े इन कार्यों को पूरा करने हेतु प्रावधान होने की जानकारी दी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्यों एवं शिक्षकों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्कूलवार डौण्डी विकासखण्ड के हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विगत दो वर्षों के परीक्षा परिणाम की तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने पिछले दो वर्षों के परीक्षा परिणाम की तुलना में कुछ स्कूलों का शिक्षा सत्र 2025-26 का परीक्षा परिणाम बेहतर नही होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके लिए उन्होंने संबंधित स्कूल के प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों को तलब कर इसका कारण जाना। बैठक में उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों से इस वर्ष के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को विद्यालय के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु उचित रणनीति बनाकर उसके आधार पर अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अध्यापन कार्य बेहतर एवं रूचिकर हो तो विद्यालय एवं संबधित काल खण्ड में बच्चों की उपस्थिति समुचित होगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने परीक्षा परिणाम खराब होने पर संबंधित विषय के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने परीक्षा परिणाम खराब आने पर संबंधित विषय के शिक्षकों के अलावा संविदा शिक्षकों को भी अनिवार्य रूप से कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम खराब आने पर संबंधित शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई की भी चेतावनी दी। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों से नियमित रूप से कक्षा अवलोकन तथा अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु बैठक के आयोजन एवं अन्य शालेय गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को भी नियमित रूप से शालाओं का भ्रमण कर शिक्षा गुणवत्ता के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को कमजोर परीक्षा परिणाम वाले शालाओं का विशेष निगरानी करते हुए इन शालाओं के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़ेकसा, आमाडुला, सुरडोंगर, मंगलतराई, घोटिया, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डौण्डी, बोरगांव, पथराटोला, गुजरा, मरकामटोला, चिपरा, साल्हे, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कुसुमकसा, चिखलाकसा आदि विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित स्कूलों एवं प्राचार्यों को त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अलावा शिक्षा सत्र 2026-27 के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु निर्धारित कार्य योजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम वाले शालाओं के केस स्टडी कर उसके आधार पर विकासखण्ड के अन्य स्कूलों का परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने हेतु कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं के अलावा 9वीं एवं 11वीं कक्षा के अध्ययन-अध्यापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिससे बच्चों के शिक्षा एवं ज्ञान के स्तर में सुधार सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक विद्यालय के मेधावी बच्चों का चयन कर उसके परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर और बनाने हेतु समुचित उपाय करने को कहा। इसके लिए उन्होंने इन बच्चों को अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक परिवेश की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को किसी भी स्थिति में किसी भी शिक्षक का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश की स्वीकृति नही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके विद्यालय के शत प्रतिशत छात्राओं को सर्वाइकिल कैंसर की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों को विद्यालय के कोई विद्यार्थी गंभीर बीमारियों से ग्रसित पाए जाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में उनका निःशुल्क इलाज सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को नशापान से दूर रखने के लिए भी पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान में शिक्षा विभाग की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।