ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने तथा ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने बैठक संपन्न

लक्षित ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव एवं स्वच्छाग्रहियों से की गई चर्चा
बालोद, 18 अगस्त 2026
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने तथा ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव एवं स्वच्छाग्रहियों एवं पर्यटन स्थल हेतु लक्षित संस्थानों के समिति के सदस्य भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान गांवों में ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन, स्त्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण तथा स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के कम से कम उपयोग को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। स्वच्छाग्रहियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के संबंध में जागरूक करें तथा इसके स्थान पर कपड़े, जूट एवं अन्य पुनः उपयोग योग्य विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करें। बाजार, हाट-बाजार, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न आयोजनों में प्लार्डिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई। बैठक में सरपंच एवं सचिव से ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा स्वच्छाग्रहियों के माध्यम से घर-घर संपर्क एवं जनजागरुकता गतिविधियां संचालित करने पर चर्चा की गई। स्वच्छाग्रहियों को ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद करते हुए स्वच्छता व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक संचालक श्रीमती काव्या जैन द्वारा बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण, सुरक्षित भंडारण एवं उचित निपटान की व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने की बात कही गई। अधिकारियों ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि कचरे के उत्पादन को कम करना, उसका पृथक्करण, पुनः उपयोग एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधिर्या, पंचायत कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा ग्रामीण समुदाय के बीच समन्वय आवश्यक है। इस अवसर पर सभी सरपंच, सचिव एवं स्वच्छाग्रहियों से अपने-अपने ग्रामों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता संबंधी जनजागरुकता को जनआंदोलन का रूप देने में सक्रिय भूमिका की अपील की गई।