स्वतंत्रता दिवस पर मुंगेली में गूंजा ‘उल्लास’ का संदेश

महाचौपाल के जरिए जन-जन तक पहुंची साक्षरता की अलख
रायपुर, 18 अगस्त 2026/शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ उल्लास अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुंगेली जिले में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामों में उल्लास महा चौपाल का आयोजन किया गया। आजादी के पर्व को साक्षरता के उल्लास से जोड़ते हुए आयोजित इन कार्यक्रमों में शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुन्दन कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोकुल राम रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षकों, विद्यार्थियों, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों, महिलाओं, युवाओं एवं नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद विभिन्न स्थानों पर सामूहिक उल्लास शपथ, महाचौपाल एवं ‘कहानियों का कारवां’ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। नवसाक्षर शिक्षार्थियों ने अपनी सीखने की यात्रा साझा करते हुए बताया कि पढ़ना-लिखना सीखने से उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव आया है। इस दौरान ‘साक्षरता घर-घर जाएंगे, साक्षरता की अलख जगाएंगे’ के संदेश के साथ लोगों को शिक्षा के महत्व, जीवनोपयोगी ज्ञान, डिजिटल साक्षरता तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी.डाहिरे ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को ग्राम स्तर पर उल्लास साक्षरता रैली एवं मोबाइल टॉर्च रैली निकाली गई। इसके माध्यम से ग्रामीणों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। महा चौपाल में साक्षरता रंगोली, चित्रकला, मेंहदी, नुक्कड़ नाटक, सेल्फी प्वाइंट, ‘उल्लास की घंटी’, मशाल रैली, प्रभात फेरी एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। इस अवसर पर ‘मातृ साक्षरता’ के तहत बच्चों ने अपनी निरक्षर माताओं को साक्षर बनाने का संकल्प लिया। वहीं ‘अंगूठे से कलम तक सम्मान’ के माध्यम से नवसाक्षर शिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके हस्ताक्षर कराए गए। महाचौपाल में नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है आदि संदेश प्रमुखता से दिया गया। वर्तमान में जिले के सभी ग्रामों एवं नगरीय निकायों के वार्डों में असाक्षरों के सर्वे का कार्य जारी है। चिन्हांकन के बाद 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के माध्यम से 200 घंटे का अध्यापन कराया जाएगा तथा आगामी शिक्षार्थी आंकलन परीक्षा में शामिल कराया जाएगा।
साक्षरता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को 10 असाक्षरों को साक्षर करने पर बोर्ड एवं स्थानीय परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान है। पिछले वर्ष जिले के 96 विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बोनस अंक प्राप्त हुए थे। इसी पहल के माध्यम से दशरंगपुर स्कूल की कक्षा 12वीं की छात्रा ने मुंगेली जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा ‘अंगूठा मुक्त पंचायत’, ‘सुपर-30’ एवं ‘उल्लास ज्ञान रथ’ जैसी पहल के माध्यम से साक्षरता अभियान को और व्यापक बनाया जा रहा है।