कीटनाशी विनिर्माण इकाइयों में मिलीं कई अनियमितताएं, बिक्री पर 20 दिन की रोक

राज्य एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल की बिरकोनी स्थित दो इकाइयों में औचक कार्रवाई, रिकॉर्ड और स्टॉक में मिली गड़बड़ियां
महासमुंद। राज्य एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने गुरुवार को बिरकोनी स्थित कीटनाशी विनिर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि. एवं ओजस एग्रो केमिकल में स्टॉक संधारण, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र, लाइसेंस, अभिलेख एवं उत्पादों के भंडारण से संबंधित कई अनियमितताएं प्रथम दृष्टया सामने आईं। दोनों संस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई के दौरान राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने दोनों इकाइयों के दस्तावेज, स्टॉक एवं उत्पादों की जांच की।
जेनिथ एग्रीजोन में स्टॉक और गुणवत्ता व्यवस्था में खामियां
जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि. बिरकोनी के निरीक्षण के दौरान स्टॉक संधारण में विसंगति पाई गई। वहीं क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी अक्रियाशील मिली। उत्पादों की खरीदी एवं अवसान तिथि के आधार पर पृथक पहचान तथा निर्मित उत्पादों के व्यवस्थित भंडारण की समुचित व्यवस्था भी नहीं मिली।
निरीक्षण में लाइसेंस एवं अभिलेखों में दर्ज उत्पादों से भिन्न जैव उत्प्रेरक का उत्पादन किया जाना भी सामने आया। इसके अलावा एनपीके 19:19:19, एमएपी 12:61:00 एवं पोटेशियम नाइट्रेट 13:00:45 के भंडारण तथा बैचवार उत्पादों की खरीदी एवं गुणवत्ता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए।
गुणवत्ता परीक्षण के लिए छह विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों एवं तीन उर्वरक उत्पादों के नमूने लिए गए हैं। अनियमितताओं के संबंध में संस्था को सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिनों के लिए रोक लगाई गई है।
ओजस एग्रो केमिकल में स्टॉक पंजी में अंतर
इसी क्रम में ओजस एग्रो केमिकल, बिरकोनी का भी निरीक्षण किया गया। यहां संस्था द्वारा खरीदी रजिस्टर, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र, नवीन निर्मित उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाण-पत्र तथा विक्रय एवं भंडारण से संबंधित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई।
स्टॉक पंजी के मिलान के दौरान ओपनिंग एवं क्लोजिंग स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संस्था द्वारा जैव उर्वरक निर्माण के लिए आवश्यक लाइसेंस भी प्राप्त नहीं किया गया था। गुणवत्ता परीक्षण के लिए तीन विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों के नमूने लिए गए।
इन अनियमितताओं के संबंध में भी संस्था को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है तथा संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 20 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।
निरीक्षण के दौरान राज्य स्तरीय दल से डॉ. सुमित सोरी, सहायक संचालक कृषि एवं रितेश मोटघरे, सहायक संचालक कृषि तथा जिला स्तरीय दल से डॉ. परमजीत सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि, उमेश चन्द्राकर, कृषि विकास अधिकारी, ओमप्रकाश चन्द्राकर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, भांकरदास मानिकपुरी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं अवध चन्द्राकर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।