महिला सफाईकर्मियों के आरोपों के बाद झुका पालिका प्रशासन, प्रभारी हटाएं गए
जितेन्द्र महंती को मिशन क्लीन सिटी का अतिरिक्त प्रभार, सात दिन से जारी धरना खत्म; डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन फिर होगी शुरू
महासमुंद। नगर पालिका परिषद के मिशन क्लीन सिटी में कार्यरत महिला कर्मचारियों द्वारा प्रभारी नौशाद बक्श के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और करीब एक सप्ताह से जारी धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई की है। महिलाओं की शिकायत और आंदोलन के बीच शनिवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरभ शर्मा ने महिला कर्मचारियों से चर्चा की। इसके बाद नौशाद बक्श को मिशन क्लीन सिटी के प्रभारी पद से हटाकर खाद्य प्रभारी जितेन्द्र महंती को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय लिया गया। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
महिला कर्मचारियों ने कलेक्टर और नगर पालिका प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर मिशन क्लीन सिटी प्रभारी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कर्मचारियों ने कथित दुर्व्यवहार, मनमानी, निर्धारित समय से अधिक काम कराने, अनुपस्थिति के नाम पर वेतन काटने तथा नौकरी से हटाने की धमकी देने सहित अन्य शिकायतों का उल्लेख किया था। इन आरोपों को लेकर महिलाएं 1 अगस्त से धरने पर बैठी थीं।
सीसीटीवी से निगरानी का आरोप सबसे गंभीर
महिला कर्मचारियों की शिकायत में सबसे गंभीर आरोप एसएलआर सेंटर (मणिकंचन केंद्र) से जुड़ा था। महिलाओं का आरोप था कि बारिश में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के दौरान भीगने के बाद जब वे मणिकंचन केंद्र पहुंचीं और कपड़े बदल रही थीं, तब सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से उनकी निगरानी किए जाने की बात सामने आई। इस मामले को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई थी और उन्होंने प्रभारी को हटाने की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया था।
महिलाओं का कहना था कि कार्यस्थल पर उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। शिकायत के बाद मामला नगर पालिका प्रशासन के संज्ञान में आया और महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
कई दौर की बातचीत के बाद बनी सहमति
धरने के दौरान सीएमओ सौरभ शर्मा और महिला कर्मचारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। हालांकि, महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं और प्रभारी को हटाए जाने की मांग करती रहीं। शनिवार सुबह एक बार फिर सीएमओ और महिला कर्मचारियों के बीच चर्चा हुई। बातचीत के दौरान सीएमओ ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि नौशाद बक्श को तत्काल मिशन क्लीन सिटी के प्रभारी पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही खाद्य प्रभारी जितेन्द्र महंती को मिशन क्लीन सिटी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने पिछले सात दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
एक सप्ताह तक शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर
मिशन क्लीन सिटी की महिला कर्मचारियों के आंदोलन का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ा। करीब एक सप्ताह तक बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे शहर के कई हिस्सों में घरों से कचरा उठाने की व्यवस्था बाधित हो गई थी।
अब महिलाओं के धरना समाप्त करने और प्रशासन द्वारा प्रभारी बदलने के बाद डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने अब सफाई व्यवस्था को सुचारु करने के साथ-साथ कर्मचारियों की शिकायतों और कार्यस्थल से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती भी है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की सक्रियता
महिला कर्मचारियों की शिकायत और आंदोलन को लेकर नव प्रदेश में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन की सक्रियता बढ़ी। इसके बाद शनिवार को सीएमओ ने महिलाओं से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना और प्रभारी को हटाने का निर्णय लिया। प्रशासन के इस फैसले को महिलाओं की प्रमुख मांग पूरी होने के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविकता और उन पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह प्रशासनिक स्तर पर जांच और निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
पालिका प्रशासन ने महिला कर्मचारियों के आरोपों पर दी सफाई, शिकायतों की होगी निष्पक्ष जांच
महासमुंद। मिशन क्लीन सिटी में कार्यरत महिला कर्मचारियों द्वारा प्रभारी के खिलाफ लगाए गए दुर्व्यवहार, मनमानी, वेतन कटौती और नौकरी से निकालने की धमकी सहित अन्य आरोपों पर नगर पालिका परिषद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा कि शिकायतें संज्ञान में हैं और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, गंभीर आरोप ठोस तथ्य और प्रमाण के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सहित स्वच्छता कार्यों में निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन कराना प्रभारी की प्रशासनिक जिम्मेदारी है। कार्यस्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों का उद्देश्य कर्मचारियों को प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि सुरक्षा, पारदर्शिता और कार्य व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रशासन ने एसएलआरएम केंद्रों में स्वच्छता दीदियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था उपलब्ध होने का भी दावा किया है। इस संबंध में सीएमओ के समक्ष स्वच्छता दीदियों के समूह के साथ चर्चा होने और सुविधा उपलब्ध होने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई है।
नगर पालिका ने कहा कि स्वच्छता दीदियों का सम्मान और उनका योगदान महत्वपूर्ण है। किसी कर्मचारी को कार्य के दौरान वास्तविक परेशानी या शिकायत है तो वह प्रमाण सहित लिखित शिकायत प्रस्तुत कर सकती है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी का कार्य परिवर्तन प्रशासनिक निर्णय है। इसे किसी आरोप की पुष्टि या आरोपित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। नगर पालिका का कहना है कि उसका उद्देश्य कर्मचारियों के सम्मान के साथ शहर में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है।
