कलेक्टर क्षीरसागर ने पखांजूर क्षेत्र के दूरस्थ गांवों का किया आकस्मिक निरीक्षण
घरों, आश्रम छात्रावासों व स्कूलों में जाकर ली स्वास्थ्य की जानकारी
कलेक्टर ने दिया संवेदनशीलता का परिचय, मलेरिया पीड़ित बालक को अपने साथ मोटर बोट में लाकर सिविल अस्पताल पखांजूर में कराई भर्ती
उत्तर बस्तर कांकेर, 04 अगस्त 2026/ कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर आज कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के दूरस्थ ग्रामों का आकस्मिक दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा जनसमस्याओं से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सितरम क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर वहां स्थित स्कूलों, आश्रम छात्रावासों तथा घरों में जाकर लोगों का हालचाल पूछा तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी ली। इस दौरान ग्राम कंदाड़ी में मलेरिया से पीड़ित लगभग 08 वर्षीय बालक को मोटर बोट पर अपने साथ लाकर तत्काल सिविल अस्पताल पखांजूर में भर्ती कराया।
कलेक्टर क्षीरसागर ने आज कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के दूरस्थ एवं दुर्गम इलाके में बसे ग्राम कंदाड़ी, आलदण्ड, खैरीपदर, बांगो भोड़िया आदि का मौका मुआयना कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्राम कंदाड़ी के घोटुल में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान इसी ग्राम के टोलापारा में मलेरिया प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मलेरिया प्रभावित तीन परिवारों से मुलाकात के दौरान 08 वर्षीय बीमार बालक की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसे अपने साथ मोटरबोट से लाकर सिविल अस्पताल पखांजूर में भर्ती कराया तथा बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश बीएमओ को दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल उपचार एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान वहां उपस्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सितरम सेक्टर के आरोग्य मंदिर के तहत आने वाले 13 ग्रामों में आज कैंप लगाकर 217 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 08 मलेरिया पॉजिटिव के मरीज पाए गए, जिनका तत्काल प्राथमिक उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अलावा कलेक्टर ने इन ग्रामों के आश्रम छात्रावास, स्कूलों व घरों में जाकर विद्यार्थियों व ग्रामीणों से मिलकर उनका हालचाल जाना।
इसके पश्चात कलेक्टर ने पखांजूर के समीप स्थित अंजाड़ी नाला पुल का निरीक्षण किया। उक्त पुल में दरार आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बताया गया कि क्षेत्र में भारी वाहनों, विशेषकर सूरजगढ़ माइंस से संबंधित वाहनों के आवागमन के कारण पुल मे दरारें आई हैं।
नाव से नदी पार कर लिया विभिन्न ग्रामों का लिया जायजा
इसके पश्चात कलेक्टर बेचाघाट पहुंचे, जहां जलभराव की स्थिति के कारण उन्होंने मोटर बोट से नदी पार कर दोपहिया वाहन के माध्यम से कंदाड़ी घोटुल पहंुचे, जहां ग्रामीणों की मांग पर आवागमन की सुविधा के लिए क्षेत्र में दो अतिरिक्त मोटरबोट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मोटरसायकल पर सवार होकर खैरीपदर एवं बांगोभोड़िया के जर्जर स्कूल भवनों का अवलोकन किया और नए भवनों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कांदाड़ी आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कंदाड़ी शासकीय प्री-मैट्रिक 50 सीटर छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां केवल 25 छात्र उपस्थित पाए गए। उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए नए भवन की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई की बात कही। इसके अलावा ग्राम छोटेबेठिया स्थित नवनिर्मित प्री-मैट्रिक छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर छात्रावास को उपयोग के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कंदाड़ी के सरपंच ने नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति नहीं होने की समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने कंदाड़ी के पात्र ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ उदय नाग सहित संबंधित विभागांे के अधिकारीगण उपस्थित थे।
