बैटरी चालित ट्राइसाइकिल ने बदली निमेष कुमार की जिंदगी, आवागमन और दैनिक कार्य हुआ आसान
– दुकान संचालन हुआ पहले से बेहतर, परिवार की कर रहे आर्थिक सहायता
मोहला 31 जुलाई 2026। जिंदगी में कुछ चुनौतियाँ ऐसी होती हैं, जो इंसान की राह को कठिन जरूर बना देती हैं, लेकिन यदि हौसले बुलंद हों और आत्मविश्वास अटूट हो, तो वही चुनौतियाँ सफलता की नई कहानी लिख देती हैं। ग्राम मजियापार के रहने वाले निमेश कुमार घावड़े की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 76 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। संघर्षों के बीच भी उन्होंने मेहनत का रास्ता चुना और अपने गाँव में एक छोटी-सी पंसारी की दुकान शुरू कर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। हालांकि सीमित आवाजाही के कारण हर दिन नई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन उनके हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े।
ऐसे समय में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजना के तहत जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। यह ट्राइसाकिल उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और नई उम्मीद का प्रतीक बन गई। अब वे आसानी से अपनी दुकान तक पहुँचते हैं, पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय संचालित करते हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आज निमेश कुमार घावड़े अन्य दिव्यांगजनों के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं। उनका मानना है कि यदि आत्मविश्वास, मेहनत और सही समय पर मिलने वाला सहयोग साथ हो, तो कोई भी चुनौती सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
