मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा से प्रदेशव्यापी विशेष लोक अदालत का किया शुभारंभ

दंतेवाड़ा, 18 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने त्वरित, सुलभ एवं आपसी समझौते से न्याय दिलाने के उद्देश्य के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर वर्ष की प्रथम विशेष लोक अदालत (परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के प्रकरणों) का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दंतेवाड़ा से प्रदेश के सभी 23 जिलों के लिए वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।
विशेष लोक अदालत में प्रदेशभर में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 (चेक अनादरण) से संबंधित लगभग 7,930 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए। उद्घाटन समारोह से पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीशों, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अधिवक्ताओं एवं न्यायालयीन कर्मचारियों ने मुख्य न्यायाधीश का आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि चेक अनादरण से जुड़े प्रकरण समझौता योग्य हैं और इनके आपसी सहमति से निराकरण होने पर पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है। साथ ही न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है, जिससे अन्य प्रकरणों के त्वरित निराकरण में सहायता मिलती है।
उन्होंने विशेष लोक अदालत को आम नागरिकों के लिए सुलभ एवं प्रभावी न्याय का सशक्त माध्यम बताते हुए न्यायिक अधिकारियों से अधिकाधिक पुराने एवं लंबित मामलों के निराकरण का प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों के आपसी समझौते से निपटारे के लिए भी पूर्ण निष्ठा से सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दंतेवाड़ा जिला न्यायालय की विभिन्न खंडपीठों एवं अनुभागों का निरीक्षण किया, लोक अदालत की कार्यवाही का अवलोकन कर प्रकरणों के निराकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत न्यायालय परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्वागत उद्बोधन में मुख्य न्यायाधीश का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में राज्यभर में न्यायालय भवनों, न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवासों सहित न्यायिक अधोसंरचना का तेजी से विकास हुआ है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले को न्यायिक कर्मचारियों एवं न्यायाधीशों के आवास, न्यायालय परिसर में डाकघर, डिजिटलीकरण केंद्र तथा सुकमा एवं बीजापुर में न्यायालय भवन एवं आवास निर्माण की सौगात मिली है।
कार्यक्रम के अंत में प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, दंतेवाड़ा ने मुख्य न्यायाधीश एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह में जिले के न्यायाधीशगण, कलेक्टर देवेश कुमार धु्रव, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, डीएफओ रामकृष्ण रंगानाथा वाय, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी, पक्षकार, प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं प्रदेश के अन्य सभी जिलों के न्यायाधीश वर्चुअल माध्यम से समारोह में शामिल हुए।