उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण हेतु जिला पंचायत द्वारा समयबद्ध कार्रवाई, 36 में से 29 ग्राम पंचायतों को प्रथम किश्त जारी
बेमेतरा 15 जुलाई 2026/- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत बेमेतरा द्वारा शासन के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध एवं चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है। उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हेतु शासन से 24 अप्रैल 2026 को प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। इसके उपरांत 08 मई 2026 को बजट आवंटित किया गया तथा 29 मई 2026 को संबंधित राशि जिला पंचायत बेमेतरा के खाते में प्राप्त हुई।
राशि प्राप्त होते ही जिला पंचायत द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी गई। इसके अंतर्गत कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आर.ई.एस.) से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने तथा संबंधित ग्राम पंचायतों से नक्शा, खसरा, जियो-टैगयुक्त फोटोग्राफ एवं बैंक खाते की जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही की गई। आवश्यक दस्तावेज एवं तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात संबंधित ग्राम पंचायतों को प्रशासकीय स्वीकृति जारी करते हुए प्रथम किस्त की राशि भी उनके खातों में अंतरित की गई। वर्तमान में 36 स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 29 ग्राम पंचायतों को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर प्रथम किस्त की राशि 03/07/26 तक की स्थिति में जारी कर दी गई है।
शेष सात प्रकरणों में से दो उप स्वास्थ्य केंद्र नगरीय निकाय क्षेत्र में स्थित होने के कारण, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा के प्रतिवेदन के आधार पर उनके स्थान पर अवश्यक्तानुसार अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृति प्रदान किए जाने हेतु प्रस्ताव संचालक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, छत्तीसगढ़ को भेजा जा चुका है। वहीं शेष पाँच ग्राम पंचायतों से आवश्यक दस्तावेज, जैसे नक्शा, खसरा, ग्राम पंचायत का प्रस्ताव एवं जियो-टैगयुक्त फोटोग्राफ प्राप्त होने की प्रक्रिया जारी है। दस्तावेज प्राप्त होते ही नियमानुसार उनकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी पूर्ण कर ली जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पदमाकर ने बताया की उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं वित्तीय नियमों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए संबंधित विभागों एवं ग्राम पंचायतों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
