डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में 5.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मिली मंजूरी

खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास पर रहेगा फोकस
महासमुंद। सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के मुख्य आतिथ्य तथा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद समिति की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना, आय-व्यय की समीक्षा तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधन 2025) के तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन सूची पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेखा परीक्षण एवं वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।
अपर कलेक्टर रवि साहू ने बेसलाइन सर्वेक्षण एवं पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तथा 30 प्रतिशत हिस्सा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। बैठक में डीएमएफ निधि के उपयोग संबंधी शासन के दिशा-निर्देशों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले की सीमा से बाहर तक विस्तारित होने वाली किसी भी परियोजना को राज्य शासन की पूर्व अनुमति के बाद ही डीएमएफ मद से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही किसी भी स्थिति में एक जिले की निधि दूसरे जिले में स्थानांतरित नहीं की जाएगी।
खनिज विभाग ने जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में फर्शी पत्थर, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, ग्रेनाइट, मुरूम तथा साधारण रेत का उत्पादन हो रहा है। वहीं भालूकोना एवं जामनीडीह क्षेत्र में निकिल, क्रोमियम एवं पीजीई खनिजों की संभावनाओं को लेकर सर्वे एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई जारी है।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई योजनाओं के लिए 1 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की राशि उपलब्ध है। इसके आधार पर लगभग 5 करोड़ 85 लाख रुपये के विभिन्न सेक्टरवार विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सभी स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।