शिक्षा विभाग में प्रभार वितरण पर उठे सवाल, शिक्षक संघ ने जताई कड़ी आपत्ति

वरिष्ठ प्राचार्यों की अनदेखी कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने का आरोप, नियमों के पालन की मांग
महासमुंद। शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की उपेक्षा कर कनिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रभार सौंपे जाने के मामले में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। संघ ने इसे वरिष्ठता नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की खुली अनदेखी बताते हुए शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रमुख प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर ने कहा कि विभाग में कई वरिष्ठ एवं अनुभवी प्राचार्यों की उपलब्धता के बावजूद कनिष्ठ अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच असंतोष का माहौल बन गया है तथा नियुक्तियों की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
संघ का आरोप है कि रिक्त पदों पर प्रभार सौंपने की प्रक्रिया में वरिष्ठता और स्थापित नियमों को दरकिनार कर कुछ चुनिंदा अधिकारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे वरिष्ठ प्राचार्यों में नाराजगी व्याप्त है। विभागीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और यह सवाल उठाया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कनिष्ठ अधिकारियों को प्राथमिकता क्यों दी गई।
ओंकार सिंह ठाकुर ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 14 सितंबर 2014 को जारी परिपत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विभागों में रिक्त वरिष्ठ पदों का प्रभार संबंधित संवर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को ही सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस एवं युक्तिसंगत प्रशासनिक कारण के वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभार देना नियमों की भावना के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि उक्त परिपत्र में ऐसे मामलों में, जहां कनिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ पदों का प्रभार संभाल रहे हों, उन्हें भारमुक्त कर योग्य एवं वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने का प्रावधान है। इसके बावजूद यदि नियमों की अनदेखी की जा रही है तो यह गंभीर विषय है।
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि वरिष्ठता और योग्यता की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। संघ ने शासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियुक्तियों एवं प्रभार वितरण की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों का पालन किया जाए तथा वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा की जाए।