पंचायत विकास योजना एवं पंचायत उन्नति सूचकांक के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशिक्षण आयोजित

ग्राम विकास की प्राथमिकताओं, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा
बिलासपुर, 10 जून 2026/पंचायती राज संस्थाओं को अधिक सशक्त एवं विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक में पंचायत विकास योजना (PDP) एवं पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की |बैठक के दौरान ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के निर्माण, प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न मानकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि पंचायत विकास योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसएलडब्ल्यूएम (SLWM) 2026 नियमों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने समस्त ग्राम पंचायतों में नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पहल करने पर जोर दिया। साथ ही “स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव” अभियान के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त ग्राम निर्माण तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण सत्र में पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न संकेतकों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को विकास कार्यों में अतिरिक्त अवसर एवं प्रोत्साहन प्राप्त हो सकते हैं। अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा ग्राम विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा ग्राम विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से संबंधित सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत बिल्हा एवं मस्तूरी के जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव, अधिकारी-कर्मचारी तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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