ग्राम धरसेंडी के कुदरी पारा में हुआ नलकूप खनन
सूरजपुर/05 जून 2026/ ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर गिरने से उत्पन्न पेयजल कठिनाई को दूर करने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 03 जून को ग्राम धरसेंडी के कुदरीपारा क्षेत्र में 01 नग नलकूप खनन कार्य संपन्न कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक अभियंता एवं उप अभियंता, उपखण्ड ओड़गी द्वारा कुदरीपारा बसाहट का मौके पर निरीक्षण किया गया, जहाँ 08 से 10 परिवार निवासरत हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में पूर्व से 05 नग विभागीय हैण्डपंप स्थापित एवं चालू स्थिति में हैं, परंतु ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर कम हो जाने के कारण पेयजल आपूर्ति में कठिनाई हो रही थी।
ग्रामीणों की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए तथा ग्राम धरसेंडी के कुदरीपारा बसाहट में निवासरत आदिवासी परिवारों की पेयजल समस्या का त्वरित समाधान हेतु विभाग द्वारा बिना विलंब किए स्थल पर नलकूप खनन की कार्यवाही सुनिश्चित की गई, जिससे अब बसाहट के परिवारों को सुगम एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। विभाग द्वारा क्षेत्र में पेयजल —–
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आदिम जाति सेवा सहकारी समिति रेवटी में पर्याप्त खाद का भंडारण, सुचारू रूप से हो रहा वितरण
– आवश्यकतानुसार खाद का उठाव करें किसान, जमाखोरी पर सख्त कार्यवाही के निर्देश – कलेक्टर
सूरजपुर/05 जून 2026/ खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. रेवटी (शाखा प्रतापपुर) में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा किसानों को आवश्यकतानुसार सुचारु रूप से वितरण किया जा रहा है। समिति प्रबंधक द्वारा बताया गया कि 03 जून की स्थिति में यूरिया, डी.ए.पी., इफको, एस.एस.पी. सहित विभिन्न प्रकार के खाद का लगभग 3493 क्विंटल खाद का भंडारण शेष है।
किसान बोले – पर्याप्त मात्रा में मिल रहा खाद
समिति में खाद लेने पहुंचे किसानों ने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। कृषक गोविंदा पटेल ने बताया कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद मिल रहा है, जिससे उनकी खेती आसानी से हो जाएगी। ग्राम सोंधिहा के मिथलेश पटेल तथा जगदल प्रसाद पटेल ने बताया कि समिति में उनके आवश्यकतानुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो जा रही है।
आवश्यकतानुसार करें उठाव – कलेक्टर की अपील
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप ही खाद का उठाव करें, ताकि सभी कृषकों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर सतत निगरानी रखी जाए तथा ऐसे प्रकरणों में लगातार सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
