चित्ररेखा निषाद के जीवन में अपना पक्का मकान होने का सपना हुआ साकार

बेमेतरा। कहते हैं कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती और अगर सही समय पर सरकारी योजनाओं का साथ मिल जाए, तो अभावों का जीवन भी खुशहाली की नई इबारत लिख सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जिला बेमेतरा, विकासखंड नवागढ़ के ग्राम बैहरसरी के रहने वाली चित्ररेखा निषाद ने। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके जीवन में उम्मीदों की नई रोशनी बिखेर दी है और अब उनका अपना पक्का मकान होने का वर्षों पुराना सपना हकीकत बन चुका है। बताना चाहेंगे कि सुशासन तिहार के अंतर्गत गत दिवस ग्राम पंचायत बैहरसरी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने अपने कर कमलों से प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान पूर्ण होने पर घर की चाबी सौंप कर उन्हें गृह प्रवेश की शुभकामनाएं दी है।
’अभावों के साये में बीता जीवन’
चित्ररेखा निषाद के लिए जीवन कभी भी आसान नहीं रहा। कच्ची दीवारों और जर्जर छत के नीचे गुजारा करना उनके लिए दैनिक संघर्ष का हिस्सा था। बरसात के दिनों में टपकती छत और सुरक्षा की चिंता उनके मन में हमेशा बनी रहती थी। एक स्वाभिमानी महिला होने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए एक दूर का सपना जैसा था।
’योजना बनी सहारा’
सरकार की लोक-कल्याणकारी योजना श्प्रधानमंत्री आवास योजनाश् उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई। पात्रता की शर्तों को पूरा करने के बाद, जब चित्ररेखा का चयन इस योजना के तहत हुआ, तो उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। योजना के तहत मिली सहायता राशि ने न केवल उनके हौसले बुलंद किए, बल्कि पक्के मकान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
’अब सपनों का घर है अपना’
आज चित्ररेखा निषाद का पक्का मकान बनकर तैयार है। यह सिर्फ ईंट-पत्थर की चारदीवारी नहीं है, बल्कि यह उस आत्मसम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है, जिसे उन्होंने वर्षों से संजोया था। अपने घर में प्रवेश करते हुए चित्ररेखा भावुक होकर कहती हैं, ष्प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी है। पहले जहाँ बारिश में सोने की चिंता सताती थी, आज उसी छत के नीचे मैं और मेरा परिवार सुरक्षित और चौन से रहते हैं। मुझे पक्के घर का सपना पूरा करने में सरकार का बड़ा सहयोग मिला है।’’
’महिला सशक्तिकरण का उदाहरण’
चित्ररेखा निषाद की यह कहानी न केवल एक पक्के मकान के मिलने की खुशी है, बल्कि यह सरकार की उन योजनाओं की सफलता का प्रमाण भी है जो अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो अपने परिवार की खुशहाली और बेहतर जीवन के लिए संघर्ष कर रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने साबित कर दिया है कि जब सरकारी मंशा साफ हो और लाभार्थियों तक सही समय पर सहायता पहुंचे, तो कैसे एक गरीब परिवार का जीवन पूरी तरह बदला जा सकता है।