पुलिस का ‘नवा बिहान’ अभियान: 800 से अधिक नागरिक हुए जागरूक
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ चलाया जनजागरण
गांव-गांव और शहर-शहर पहुंच रही पुलिस, साइबर ठगी, सोशल मीडिया सुरक्षा, नशा मुक्ति और हेल्पलाइन सेवाओं की दी जा रही जानकारी
महासमुंद। जिला पुलिस द्वारा संचालित “नवा बिहान” अभियान के तहत जिले भर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से पुलिस गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों और गौ तस्करी रोकथाम के प्रति जागरूक कर रही है। इस सप्ताह आयोजित कार्यक्रमों में 800 से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
जिला पुलिस प्रशासन ने कम्युनिटी पुलिसिंग को नया आयाम देते हुए “नवा बिहान” अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाना है। पुलिस टीम लगातार हाट-बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंडों, बैंकों, चौक-चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दे रही है।
विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम
नवा बिहान अभियान के तहत इस सप्ताह ग्राम भंवरपुर, पिथौरा बायपास रोड ओवरब्रिज, ग्राम सिरपुर, ग्राम बी.के. बाहरा साप्ताहिक बाजार तथा पिथौरा गार्डन क्षेत्र में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में ग्रामीणों और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा, अभिव्यक्ति ऐप, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
साइबर अपराधों से बचाव के दिए गए टिप्स
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को साइबर स्टॉकिंग, फेक प्रोफाइल, फर्जी ट्रेडिंग एप, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों को बताया गया कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत एवं संवेदनशील जानकारी साझा न करें तथा मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और सुरक्षा फीचर का उपयोग करें।
साथ ही अज्ञात नंबरों से प्राप्त एपीके फाइल, लिंक अथवा किसी भी संदिग्ध संदेश को खोलने से बचने की सलाह दी गई। ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और निकटतम पुलिस थाना या साइबर थाना में सूचना देने की अपील की गई।
सोशल मीडिया पर बरतें विशेष सावधानी
पुलिस ने नागरिकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, किसी भी थर्ड पार्टी एप का उपयोग सोच-समझकर करने तथा व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखने की सलाह दी। इसके अलावा फॉरवर्ड किए गए संदेशों की सत्यता जांचे बिना उन्हें आगे साझा नहीं करने का आग्रह भी किया गया।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सतर्क
अभियान के दौरान पुलिस ने बताया कि वर्तमान में अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई या न्यायिक अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और डिजिटल अरेस्ट अथवा जेल भेजने की धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी इस प्रकार वीडियो कॉल के माध्यम से धन की मांग नहीं करती। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
गौ तस्करी रोकने जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने क्षेत्र में गौवंश तस्करी एवं अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना अथवा “संवाद” हेल्पलाइन नंबर 94792-29939 पर देने का आग्रह किया गया।
डायल-112 और ‘संवाद’ हेल्पलाइन बनी सहारा
नागरिकों को आपातकालीन सेवा डायल-112 के महत्व से अवगत कराते हुए बताया गया कि दुर्घटना, विवाद या किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसके साथ ही महासमुंद पुलिस द्वारा संचालित शिकायत हेल्प डेस्क “संवाद” के व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 की जानकारी भी दी गई। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक गुप्त सूचना अथवा सामान्य शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
नशा मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से नशे की लत से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं जागरूक बने और दूसरों को भी जागरूक करे।
महासमुंद पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है और आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
