ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 लागू, चार श्रेणियों में कचरा पृथक्करण अनिवार्य

स्वच्छ भारत मिशन के तहत बलरामपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
नियम उल्लंघन पर जुर्माना और जेल तक का प्रावधान
रायपुर, 25 मई 2026/स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को नए नियमों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय द्वारा लागू ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 एक अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुका है। नए नियमों के तहत अब प्रत्येक घर, संस्था और प्रतिष्ठान में कचरे का चार श्रेणियों—गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट तथा स्पेशल केयर वेस्ट—में पृथक्करण अनिवार्य होगा।
अधिकारियों ने बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद एवं बायोगैस तैयार की जा सकेगी, जबकि सूखे कचरे का पुनर्चक्रण किया जाएगा। वहीं बैटरी, एक्सपायरी दवाइयां, सिरिंज जैसे खतरनाक अपशिष्टों को सार्वजनिक स्थानों पर फेंकना प्रतिबंधित रहेगा।
नियमों के तहत बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है, जिनके लिए वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन अनिवार्य किया गया है। साथ ही नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा उपयोगकर्ता शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, आर्थिक दंड एवं कारावास तक का प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, खुले में कचरा जलाने तथा कचरे का पृथक्करण नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्कूलों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।