एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत किसानों के पंजीयन के लिए समितियों का किया गया गठन

गरियाबंद, 25 मई 2026/कलेक्टर बीएस उइके ने एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत किसान पंजीयन के लिए तहसील स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। समिति द्वारा 26 मई 2026 से 10 जून 2026 तक रेगहा, अधिया, ग्राम नौकर, शासकीय पट्टेदार (कृषि), संस्था, ट्रस्ट, राजस्व, वन वन अधिकार पट्टा तथा असर्वेक्षित वन ग्राम के कृषकों का पंजीयन किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न तहसीलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजिम तहसील के लिए एसडीएम राजिम विशाल महाराणा, तहसीलदार श्रीमती डिंपल धु्रव को राजस्व विभाग का दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के.आर. वर्मा को कृषि विभाग एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी मोहित राम गड़तिया को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार फिंगेश्वर तहसील के लिए एसडीएम विशाल महाराणा और तहसीलदार रमेश मेहता को राजस्व विभाग, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के.आर. वर्मा को कृषि एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी मोहित राम गड़तिया को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार छुरा तहसील में एसडीएम विशाल कुमार महाराणा और मयंक अग्रवाल को राजस्व, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बी.के. शाण्डिल्य को कृषि एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी मोहम्मद सुहेल को सहाकारिता विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। गरियाबंद तहसील के लिए एसडीएम सुश्री हितेश्वरी बाघे और तहसीलदार चितेश देवांगन को राजस्व विभाग, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी मनोज कुमार अटल को कृषि एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी मोहम्मद सुहेल को सहकारिता विभाग के लिए नियुक्त किया गया है।
मैनपुर तहसील में एसडीएम सुश्री हितेश्वरी बाघे और तहसीलदार सुशील कुमार भोई को राजस्व, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जी.के. ठाकुर को कृषि एवं सहाकरिता विस्तार अधिकारी झंसकेतन सोनवानी को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमलीपदर तहसील में एसडीएम सुश्री हितेश्वरी बाघे और तहसीलदार गेंदलाल साहू को राजस्व, वरिष्ठ कृषि अधिकारी जी.के. ठाकुर को कृषि एवं झंसकेतन सोनवानी को सहकारिता विभाग का दायित्व सौपा गया है। देवभोग तहसील के लिए एसडीएम रामसिंह शोरी और तहसीलदार अजय चंद्रवंशी को राजस्व, कृषि विकास अधिकारी कोपेश्वर गजेन्द्र को कृषि एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी झंसकेतन सोनवानी को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रकार उक्त मैदानी अमलों की ड्यूटी लगाकर कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है।