पीएम-राहत योजना: सड़क दुर्घटना के घायलों को मिल रहा त्वरित उपचार, 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा

गोल्डन ऑवर में जीवन बचाने की मुहिम, राजनांदगांव जिले में योजना के तहत अब तक 12 गंभीर मरीजों का सफल इलाज
रायपुर, 25 मई 2026/भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के ठीक बाद के सबसे संवेदनशील समय यानी गोल्डन ऑवर में पीड़ितों को बिना किसी कागजी औपचारिकता या देरी के अस्पताल पहुँचाकर उच्च गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होने के दिन से अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार तक का निःशुल्क इलाज दिया जाता है।
राजनांदगांव जिले में प्रभावी क्रियान्वयन 12 पीड़ितों को मिला जीवनदान
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से इस योजना का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह तक जिले में 12 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना के तहत पंजीकृत कर त्वरित उपचार प्रदान किया जा चुका है। इनमें से 10 गंभीर मरीजों का इलाज भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में किया गया और 2 मरीजों का आकस्मिक उपचार अनुबंधित संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
गोल्डन ऑवर में त्वरित इलाज से बचेगी कई जानें सीएमएचओ
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि, ष्सड़क दुर्घटनाओं में समय पर सही इलाज न मिलना ही सबसे अधिक मौतों का कारण बनता है। पीएम-राहत योजना इसी कमी को दूर करती है। दुर्घटना के बाद के प्रारंभिक समय (गोल्डन ऑवर) में त्वरित और निःशुल्क चिकित्सा मिलने से मरीजों की स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है और कई अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं।
जिले के 72 सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष प्रशिक्षण
योजना के सुचारू, पारदर्शी और निर्बाध संचालन के लिए राजनांदगांव जिले के चिकित्सा अमले को पूरी तरह मुस्तैद किया जा चुका है। जिले के कुल 34 शासकीय अस्पतालों (जिनमें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं) तथा 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को योजना के तहत कैशलेस क्लेम और त्वरित भर्ती प्रक्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
’नागरिकों के लिए सूचना’
पीएम-राहत योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या आपातकालीन सहायता के लिए नागरिक अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।