कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा की बैठक सम्पन्न

फार्मर रजिस्ट्री 15 जून से पूर्व मिशन मोड पर पूर्ण करने के निर्देश, खाद-बीज वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा’
’कलेक्टर ने जिले के समस्त कृषक बंधुओं से एग्री स्टैक पंजीयन कराने की अपील की’
सूरजपुर/25 मई 2026/कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें एग्री स्टैक परियोजना, खरीफ वर्ष 2026 की तैयारी, खाद-बीज वितरण व्यवस्था, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति की निगरानी तथा प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत संचालित फार्मर रजिस्ट्री अभियान को 15 जून से पूर्व मिशन मोड पर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश कृषि एवं संबद्ध विभाग को दिए। उन्होंने पंजीयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि शेष सभी पात्र कृषकों को शीघ्र अति शीघ्र एग्री स्टैक पंजीयन से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी किसान शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिले के समस्त कृषक बंधुओं से अपील की कि वे शीघ्र अति शीघ्र एग्री स्टैक के अंतर्गत अपना फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जो उनके लिए डिजिटल पहचान का कार्य करेगी। इस आईडी के माध्यम से किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषक हितैषी योजनाओं जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज का विक्रय, कृषि ऋण तथा कृषि उपकरणों पर अनुदान आदि का लाभ सुगमता एवं पारदर्शी ढंग से प्राप्त हो सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि किसान भाई अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), ग्राम पंचायत कार्यालय, कृषि विभाग के मैदानी अमले अथवा पटवारी से सम्पर्क कर अपना पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर तथा भू-अभिलेख (बी-1/खसरा) की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क है तथा भविष्य में शासन की समस्त कृषक हितैषी योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही सुनिश्चित किया जाएगा, अतः कोई भी पात्र किसान इस पंजीयन से वंचित न रहे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पंचायतवार फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं फार्मर आईडी क्रिएशन की पेंडेंसी सूची तैयार कर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा राजस्व अमले को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पंजीयन की वास्तविक स्थिति से अवगत होने के लिए दैनिक प्रगति की समीक्षा करने तथा पूर्व से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र निष्पादित करने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान खरीफ वर्ष 2026 के लिए खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें किसानों को समय पर गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध कराने, वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा कालाबाजारी रोकने के विषयों पर विस्तृत विमर्श किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वितरित प्रत्येक खाद का अनिवार्य रूप से अंकन किया जाए, जिससे वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी देने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर खाद के संतुलित उपयोग हेतु जागरूक करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक आधार पर उर्वरक का उपयोग न केवल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि मृदा की उर्वरा शक्ति को भी संरक्षित रखेगा।
खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने हेतु कलेक्टर ने सतत निगरानी तथा औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी शिकायत मिलने की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपना सूचना तंत्र मजबूत करें और भौतिक परीक्षण पर विशेष बल दें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने जैविक खाद, जैव उर्वरक, हरी खाद तथा नील हरित काई जैसे वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने पर बल दिया, ताकि संतुलित उर्वरक उपयोग सुनिश्चित हो सके, और कृषक बंधुओं के बीच इन वैकल्पिक उपायों के सकारात्मक प्रचार-प्रसार के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में जिले में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर भी अहम चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को पेट्रोल-डीजल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट किया कि नियमित मॉनिटरिंग एवं औचक निरीक्षण के माध्यम से पेट्रोल, डीजल तथा एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी व जमाखोरी पर पूर्णतः अंकुश लगाना सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं पीएम सूर्य घर योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें कलेक्टर ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा पात्र हितग्राहियों तक लाभ शीघ्र पहुँचाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगरन्नाथ वर्मा, सर्व एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर रमेश मोर व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।